मंत्री विश्वास सारंग ने खिलाड़ियों की फिटनेस के लिए होम्योपैथी को सराहा

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी में स्वास्थ्य और विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत हुई है। पंडित खुशीलाल शर्मा आयुष ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय होम्योपैथिक सम्मेलन 2026 का उद्घाटन प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग द्वारा किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर मंत्री सारंग ने जन-स्वास्थ्य में होम्योपैथी के योगदान को रेखांकित करते हुए इसे एक अत्यंत वैज्ञानिक और सुरक्षित चिकित्सा पद्धति करार दिया।

मंत्री सारंग ने विशेष रूप से खेल जगत के संदर्भ में होम्योपैथी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खिलाड़ी अपनी फिटनेस, स्टैमिना और चोटों से उबरने के लिए प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्पों की तलाश में रहते हैं, और ऐसे में होम्योपैथी एक अत्यंत भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है। उनके अनुसार, खिलाड़ियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए यह पद्धति न केवल प्रभावी है बल्कि इसके दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिलते हैं। हेल्दी वर्ल्ड विजन फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन ने देशभर के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने का कार्य किया है। कार्यक्रम के दौरान ज्ञान के प्रसार को नई दिशा देते हुए ‘होमियो विजन 3.0’ पत्रिका और डॉ. अमित नायक व डॉ. पूजा नायक द्वारा रचित पुस्तक ‘द चैलेंजर’ का विमोचन भी किया गया। ये प्रकाशन इस क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध और केस स्टडीज को संकलित करते हैं, जो आने वाली पीढ़ी के चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के लिए एक मील का पत्थर साबित होंगे।

सम्मेलन की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए फाउंडेशन की उपाध्यक्ष डॉ. पूजा नायक ने बताया कि यह आयोजन 8 फरवरी तक चलेगा। इसमें आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न बीमारियों और समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन में होम्योपैथी की भूमिका पर गहन चर्चा की जा रही है। देशभर से जुटे विशेषज्ञ इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि कैसे इस पद्धति को न केवल उपचार तक सीमित रखा जाए, बल्कि इसे एक स्वस्थ जीवनशैली के अनिवार्य अंग के रूप में स्थापित किया जाए। यह दो दिवसीय मंथन स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य को एक नई दृष्टि प्रदान करने की ओर अग्रसर है।










