मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले : नर्मदा घाटी की 4 नई योजनाओं को मंजूरी, 1 नवंबर से मप्र स्थापना दिवस पर 3 दिवसीय भव्य आयोजन
भोपाल – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। राज्य के विकास, किसानों के कल्याण और पारदर्शी शासन को गति देने के लिए बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। आज की बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाते हुए विभिन्न सेवा और सहयोग के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गतिशील नेतृत्व में मध्य प्रदेश ने कृषि और अन्य क्षेत्रों में प्रभावशाली कार्य किए हैं, जिसके चलते प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर 3 से 4 प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। राज्य में ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत किसानों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
कैबिनेट बैठक के प्रमुख निर्णय:
- नर्मदा घाटी परियोजनाएं: क्षेत्र के विकास और सिंचाई सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए नर्मदा घाटी की चार प्रमुख योजनाओं को बैठक में स्वीकृति दी गई।
- वन विभाग: वन विभाग के अंतर्गत कैम्पा (CAMPA) के 250 प्रकरणों को हरी झंडी दी गई है।
- सूखा और जल संकटग्रस्त जिले: केंद्र सरकार द्वारा पानी और सूखे की स्थिति को लेकर चिन्हित किए गए 12 जिलों में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए विशेष कार्य करने का बड़ा निर्णय लिया गया है।
- नगरीय निकायों में सुशासन: नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार से जुड़े 201 मामलों को जड़ से खत्म करने के लिए निरंतर और सख्त प्रयास किए जा रहे हैं।
1 नवंबर से मप्र स्थापना दिवस का जश्न
राज्य सरकार आगामी 1 नवंबर से मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय विशेष और भव्य कार्यक्रमों का आयोजन करेगी, जिसे प्रदेशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा।









