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“GYANII का चश्मा और खाली हाथ विधायक: एमपी बजट में आंकड़ों की बाजीगरी पर विपक्ष का ‘तांडव’!”

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एमपी बजट 2026 : ‘रोलिंग’ बजट के पहिए पर विकास का दावा, पर विपक्ष के ‘हंगामे’ ने बढ़ाई सरकार की धड़कनें

रानू शर्मा संपादक…
मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने बुधवार को अपना तीसरा बजट पेश कर दिया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का भारी-भरकम लेखा-जोखा सदन के सामने रखा। करीब 90 मिनट तक चले भाषण में देवड़ा ने आंकड़ों की बाजीगरी तो खूब दिखाई, लेकिन सदन के भीतर और बाहर असली सुर्खियां बजट के प्रावधानों से ज्यादा विपक्ष के तीखे तेवरों ने बटोरीं।
‘GYANII’ के इर्द-गिर्द बुना गया दांव
वित्त मंत्री ने इस बजट को ‘GYANII’ (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियलाइजेशन) के विकास का रोडमैप बताया। सरकार ने साफ कर दिया है कि उसका पूरा फोकस इन्हीं छह स्तंभों पर है, जिसके लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा—3 लाख करोड़ रुपए—अलग कर दिया गया है।
प्रमुख बिंदु:
 सिंहस्थ 2028: उज्जैन में होने वाले महाकुंभ के लिए अभी से 3600 करोड़ रुपए का विशेष फंड आवंटित किया गया है।
रोलिंग बजट: एमपी के इतिहास में पहली बार ‘रोलिंग बजट’ की अवधारणा पेश की गई, जो भविष्य की अनिश्चितताओं को देखते हुए लचीलापन देने का दावा करती है।

विधायक निधि पर ‘संग्राम’: विपक्ष का तीखा प्रहार
बजट में जहां एक ओर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही थी, वहीं विधायक निधि न बढ़ाने के फैसले ने सदन में बारूद का काम किया। विपक्ष ने इस मुद्दे पर जमकर हंगामा काटा।
विपक्ष का सीधा आरोप है कि सरकार एक तरफ लाखों करोड़ के बजट का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं जनप्रतिनिधियों के हाथों में क्षेत्र के विकास के लिए फूटी कौड़ी बढ़ाने को तैयार नहीं है। यह हंगामा इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में यह ‘रोलिंग’ बजट राजनीतिक मोर्चे पर सरकार के लिए ‘कठिन डगर’ साबित हो सकता है।
एक नजर में बजट के मुख्य आंकड़े
| क्षेत्र | प्रावधान (करोड़ में) |
|—|—|
| कुल बजट आकार | ₹4,38,317 |
| GYANII पर फोकस | ₹3,00,000 |
| सिंहस्थ 2028 | ₹3,600 |
| भाषण की अवधि | 1 घंटा 30 मिनट |
कड़वा सच: दावों और हकीकत के बीच की खाई
यूं तो सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियलाइजेशन के जरिए राज्य की तस्वीर बदलने का सपना दिखाया है, लेकिन कर्ज के बोझ के बीच इतने बड़े बजट का क्रियान्वयन कैसे होगा, यह बड़ा सवाल है। विपक्ष ने इसे “आंकड़ों का मायाजाल” करार देते हुए कहा है कि यह बजट आम आदमी की जेब भरने के बजाय सिर्फ फाइलों का पेट भरने वाला है।

Tahalka Bharat
Author: Tahalka Bharat

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