कानून की ‘ढीली’ पकड़ और पुलिस का ‘तगड़ा’ प्रहार: जमानत मिलते ही असलम चमड़े पर ठुका NSA
भोपाल – राजधानी में गोमांस तस्करी के गंभीर आरोपों से घिरे असलम कुरैशी उर्फ ‘असलम चमड़े’ को कोर्ट से राहत तो मिली, लेकिन वह जेल की सलाखों से बाहर कदम नहीं रख पाया। जैसे ही सेशन कोर्ट ने उसे जमानत दी, भोपाल पुलिस ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत बड़ी कार्रवाई कर दी।
अदालती कार्यवाही का पूरा घटनाक्रम
लोअर कोर्ट से अर्जी खारिज होने के बाद असलम के वकीलों ने सेशन कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार जैन की अदालत में हुई इस सुनवाई के दौरान मामला काफी गरमाया रहा:
बचाव पक्ष का दांव – असलम के वकील ने दलील दी कि अभी तक हैदराबाद से लैब रिपोर्ट नहीं आई है, जिसके अभाव में उसे लंबे समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता।
हिंदू संगठनों का विरोध – भानू हिंदू ने असलम की जमानत पर कड़ा विरोध जताते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी।
कोर्ट का फैसला – दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने 35 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत के आदेश जारी कर दिए।
जमानत के चंद मिनटों बाद ‘खेला’ पलट गया
असलम और उसके समर्थक अभी जमानत मिलने का जश्न मना ही रहे थे कि पुलिस ने कानून का पासा पलट दिया। लोक शांति और कानून व्यवस्था के लिए खतरा मानते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल NSA (रासुका) की फाइल खोल दी।
गोमांस तस्करी जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस का यह कड़ा संदेश है कि अगर आरोपी कोर्ट की तकनीकी बारीकियों का फायदा उठाकर बाहर आने की कोशिश करेगा, तो उसे रोकने के लिए प्रशासन के पास ‘ब्रह्मास्त्र’ तैयार है।










