मानहानि का नोटिस : जीतू पटवारी के आरोपों पर कानूनी घमासान
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और वीर भारत न्यास से जुड़े विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा वीर भारत न्यास को कथित तौर पर एक रुपये में 500 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन आवंटित किए जाने के आरोपों के बाद न्यास के सचिव एवं मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी ने पटवारी को 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है।
नोटिस में कहा गया है कि जीतू पटवारी तीन दिन के भीतर सार्वजनिक रूप से अपने आरोपों पर माफी मांगें, अन्यथा उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित खबर के आधार पर कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल और नई दिल्ली में प्रेसवार्ता कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार पर जमीन से जुड़े गंभीर आरोप लगाए थे। कांग्रेस ने इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपों के समर्थन में ठोस दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए।
इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का बयान भी चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस मामले के तथ्यों की पूरी जानकारी जीतू पटवारी को नहीं थी। इसके बावजूद पटवारी अपने आरोपों पर कायम रहे।
विवाद के दौरान मीडिया के रवैये से नाराज कांग्रेस ने अपने प्रवक्ताओं और नेताओं को तीन दिन तक किसी भी टीवी डिबेट में शामिल नहीं होने का निर्देश देते हुए ‘मौन सत्याग्रह’ का ऐलान भी किया था।
अब श्रीराम तिवारी की ओर से भेजे गए मानहानि नोटिस ने इस पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और न ही पटवारी के रुख में कोई बदलाव दिखाई दे रहा है।
यदि निर्धारित समय में नोटिस का जवाब नहीं दिया जाता या सार्वजनिक माफी नहीं मांगी जाती, तो मामला अदालत तक पहुंच सकता है। ऐसे में अब इस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की सच्चाई न्यायिक प्रक्रिया के जरिए सामने आने की संभावना बढ़ गई है।










