पूर्व IAS रमेश थेटे नागपुर से गिरफ्तार: आय से अधिक संपत्ति मामला, 36 साल की नौकरी में दर्ज हैं दर्जनों मुकदमे
भोपाल (मध्य प्रदेश) मध्य प्रदेश कैडर के 1993 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी रमेश थेटे को पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। भोपाल की अदालत की विशेष जज कल्पना कोतवाल द्वारा उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
अपने पूरे सेवाकाल के दौरान अपने अलग अंदाज और विवादों के कारण चर्चा में रहे रमेश थेटे पर उनके 36 साल के करियर में कुल 37 मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आ चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। लोकायुक्त संगठन ने पूर्व आईएएस रमेश थेटे और उनकी पत्नी मंदा थेटे के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
- लोन चुकाने का संदिग्ध तरीका: दोनों ने मिलकर विभिन्न बैंकों से लगभग 68 लाख रुपए का बैंक लोन लिया था। जांच में यह बात सामने आई कि उन्होंने साल 2012-13 के दौरान बहुत ही कम समय के भीतर इस पूरे कर्ज को चुका दिया था।
- लोकायुक्त की जांच: इस अचानक बड़े पैमाने पर हुए लेनदेन की शिकायत मिलने के बाद, लोकायुक्त ने साल 2013 में इसकी औपचारिक जांच शुरू की थी।
- बेहिसाब संपत्ति का खुलासा: जांच के दौरान उनके कई बैंकों में भारी-भरकम लेनदेन का पता चला और यह साबित हुआ कि उनके पास उनकी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति है।
विवादों से रहा पुराना नाता
पूर्व आईएएस रमेश थेटे का प्रशासनिक सफर अपने तीखे तेवरों और लगातार विवादों के कारण हमेशा सुर्खियों में रहा है। उनके 36 साल के लंबे सेवाकाल में उन पर कुल 37 मामले दर्ज होने की बात सामने आई है, जिनमें से कई मामलों की जांच विभिन्न स्तरों पर लंबित या प्रक्रियाधीन रही है।
अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और तेज होने की उम्मीद है।









