NCC में दाखिले के बदले छात्राओं से आपत्तिजनक मांग का आरोप, प्रोफेसर गिरफ्तार—चार छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप
बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। शासकीय कॉलेज के जूलॉजी विभाग में सहायक प्राध्यापक और NCC प्रभारी डॉ. राजेंद्र सिंह कुशराम पर छात्राओं से NCC में प्रवेश दिलाने के बदले आपत्तिजनक मांग करने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक छात्रा की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच में तीन अन्य छात्राओं ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि उच्च शिक्षा विभाग ने भी उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
चैट और वॉइस रिकॉर्डिंग से सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता छात्रा ने आरोपी प्रोफेसर के मोबाइल संदेश, चैट और वॉइस रिकॉर्डिंग सहित उपलब्ध साक्ष्य पुलिस को सौंपे। आरोप है कि NCC में सीट नहीं होने की बात कहने के बाद प्रोफेसर ने कथित तौर पर छात्रा को प्रवेश दिलाने के बदले अनुचित मांग की। जांच के दौरान पुलिस ने उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की।
एक शिकायत से सामने आईं चार छात्राएं
मामले की जांच आगे बढ़ने पर तीन अन्य छात्राएं भी सामने आईं और आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। इस तरह अब कुल चार छात्राओं की शिकायतें/आरोप जांच के दायरे में हैं। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
जमानत खारिज, जेल भेजा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर को अदालत में पेश किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शिवानी असाटी की अदालत में आरोपी की ओर से प्रस्तुत जमानत याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद अदालत के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
उच्च शिक्षा विभाग ने किया निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग के उपसचिव एल.के. खरे ने डॉ. राजेंद्र सिंह कुशराम के निलंबन का आदेश जारी किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा कार्यालय जबलपुर निर्धारित किया गया है।
पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। आरोपी पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली कार्यवाही के बाद ही होगी।










