मंत्रालय में कैबिनेट बैठक : भ्रष्टाचार पर सीएम मोहन यादव के दो-टूक निर्देश—’लापरवाही बर्दाश्त नहीं’, कैंपा फंड समेत कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी
भोपाल, मध्य प्रदेश | मंत्रालय से विशेष समाचार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का सख्त रुख देखने को मिला। नगरीय निकायों में खरीदी के दौरान हुई गड़बड़ियों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में प्रशासनिक कसावट के साथ-साथ राज्य के विकास को गति देने के लिए हजारों करोड़ रुपए के प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
नगरीय निकायों में गड़बड़ी पर कड़ा एक्शन
कैबिनेट बैठक में नगरीय विकास विभाग में खरीदी के दौरान सामने आए भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से गड़बड़ियों को ट्रैक किया गया और महज छह महीने के भीतर त्वरित कार्रवाई की गई। विभाग द्वारा अब तक 201 प्रकरणों में 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार के मामलों में पूरी सतर्कता के साथ तत्काल सख्त कदम उठाए जाएं।
हजारों करोड़ की विकास परियोजनाओं को हरी झंडी
बैठक में बुनियादी ढांचे और जनहित से जुड़ी योजनाओं के लिए बड़े वित्तीय प्रावधानों को मंजूरी दी गई:
* कैंपा फंड: पर्यावरण और वन क्षेत्रों के विकास के लिए ₹2,050 करोड़ के प्लान को मंजूरी मिली।
* नर्मदा घाटी विकास: छिंदवाड़ा, मुरैना, सिवनी और सागर जिलों में चल रही चार पुरानी योजनाओं को जारी रखते हुए ₹3,378 करोड़ की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई।
* ईओडब्ल्यू और सामाजिक न्याय: ईओडब्ल्यू के कामकाज को और मजबूत करने के लिए ₹345 करोड़ तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग की सात योजनाओं के लिए ₹351 करोड़ स्वीकृत किए गए।
* प्रशासनिक विस्तार: नवगठित जिलों—निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय खोलने और नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
सरकार का आगामी एजेंडा और उपलब्धियां
* चिंतन शिविर: सरकार के तीन साल के कामकाज की समीक्षा और आगामी वर्ष की रूपरेखा तैयार करने के लिए 21 और 22 दिसंबर को मंत्रियों का विशेष चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा।
* कृषि और निवेश: ‘किसान कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत कृषि, सहकारिता, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि कम बारिश वाले 12 जिलों से रिपोर्ट तलब की गई। इसके अलावा इंदौर कॉन्क्लेव में आए ₹5,800 करोड़ के सेमीकंडक्टर निवेश प्रस्तावों की जानकारी दी गई।
* सांस्कृतिक आयोजन व सम्मान: 1 नवंबर से तीन दिवसीय मध्यप्रदेश स्थापना दिवस मनाया जाएगा। साथ ही 31 अक्टूबर को सरदार पटेल जयंती और 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती भव्य रूप से आयोजित होगी। बेहतर प्रदर्शन के चलते पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (2.6% ट्रांसमिशन लॉस के लिए) को सम्मानित किया गया और पन्ना जिले के युवाओं ने विश्व कौशल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया।









