मप्र में संगठित अपराध के लिए कोई स्थान नहीं, आंतरिक सुरक्षा का मॉडल बनेगा राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
भोपाल, मध्य प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि मध्य प्रदेश की धरती पर संगठित अपराध को पनपने नहीं दिया जाएगा। शुक्रवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में ‘आईपीएस सर्विस मीट’ का शुभारंभ करते हुए उन्होंने राज्य की सुरक्षा और पुलिस कल्याण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
आंतरिक सुरक्षा का ‘आदर्श प्रदेश’ बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य मध्य प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा के मामले में देश का आदर्श प्रदेश बनाए रखना है। उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी पुलिसकर्मी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाते हैं, जो वास्तव में अभिनंदन के पात्र हैं।
पुलिस विभाग के लिए बड़ी सौगातें
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस बल का मनोबल बढ़ाते हुए दो प्रमुख आश्वासन दिए:
- पदोन्नति (Promotion): उन्होंने संकेत दिया कि पुलिस विभाग को जल्द ही प्रमोशन की स्वीकृति का समाचार मिलेगा।
- नई भर्तियां: विभाग में रिक्त पदों को भरने और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए पर्याप्त संख्या में नई भर्तियां की जाएंगी।
उपलब्धियों का वर्ष रहा 2025
डॉ. यादव ने उल्लेख किया कि मध्य प्रदेश सरकार के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस प्रशासन नए अनुभवों के साथ समन्वय बिठाकर आगे बढ़ रहे हैं, जिससे प्रदेश में शांति और सुरक्षा का वातावरण और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
”पुलिस की ड्यूटी चुनौतियों से भरी होती है, लेकिन हमारे अधिकारी और जवान जिस समर्पण से कार्य कर रहे हैं, वह सराहनीय है। सरकार आपके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री

कार्यक्रम की मुख्य बातें:
- शुभारंभ: मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर ‘आईपीएस सर्विस मीट’ का विधिवत उद्घाटन किया।
- स्थान: कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल।
- फोकस: संगठित अपराध पर लगाम और पुलिस बल का आधुनिकीकरण एवं कल्याण।











