💥 रायपुर बना ‘सुरक्षा का किला’: पीएम मोदी और शाह की मौजूदगी में 60वीं DGP-IG कॉन्फ्रेंस का ‘हाई-वोल्टेज’ आगाज़!
रायपुर। छत्तीसगढ़ की शांत राजधानी इस वक्त देश की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा वार्ता का केंद्र बन चुकी है। नवा रायपुर स्थित प्रतिष्ठित IIM परिसर में 28 से 30 नवंबर तक चलने वाले 60वें अखिल भारतीय DGP-IG कॉन्फ्रेंस का भव्य आगाज़ हो चुका है, जिसमें देश की आंतरिक सुरक्षा के हर पहलू पर सख्त और निर्णायक मंथन किया जाएगा।
चाणक्य का आगमन, सत्ता का गलियारा उमड़ा
देश के चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस हाई-प्रोफाइल सम्मेलन में शामिल होने के लिए गुरुवार रात को ही रायपुर पहुँच गए। उनके आगमन ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी।
एयरपोर्ट पर केंद्रीय गृहमंत्री का स्वागत करने के लिए सत्ता का पूरा गलियारा उमड़ पड़ा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, दोनों उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा समेत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और कई वरिष्ठ मंत्रियों ने जोशीला स्वागत किया। यह जमावड़ा साफ संकेत दे रहा है कि यह कॉन्फ्रेंस सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम है।
पीएम मोदी का दूसरा दौरा: अटूट प्रेम का प्रमाण
अब सबकी निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर टिकी हैं, जो इस सम्मेलन की गरिमा को शीर्ष पर ले जाएंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने इस आयोजन की महत्ता को दमदार लहजे में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस देश की सुरक्षा से संबंधित सबसे अहम और बड़ी बैठक है।
उन्होंने राजनीतिक नब्ज पर हाथ रखते हुए जोरदार तरीके से यह भी जोड़ा कि इसी महीने में प्रधानमंत्री मोदी का यह दूसरा दौरा है, जो छत्तीसगढ़ के प्रति उनके ‘अटूट प्रेम और अपनापन’ को शक्तिशाली तरीके से दर्शाता है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ में डटे रहना यह सुनिश्चित करता है कि यहाँ से निकलने वाली रणनीतियाँ केवल कागज़ी नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर लागू होने वाली होंगी।
तीन दिनों तक चलने वाली यह हाई-प्रोफाइल सुरक्षा बैठक अगले तीन दिनों के लिए IIM परिसर को राष्ट्रीय सुरक्षा के ब्लूप्रिंट को आकार देने वाले रणनीति केंद्र में बदल देगी।










