मध्य प्रदेश में सियासत का नया आसमान : जीतू पटवारी के लिए ‘विमान खरीद’ पर गर्माया सियासी पारा
भोपाल – मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर विमान खरीद का मुद्दा सुलग उठा है। मोहन सरकार द्वारा नया विमान खरीदे जाने के निर्णय ने सत्ता और विपक्ष के बीच जुबानी जंग को तेज कर दिया है, और इस पर राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी बढ़ गई है।
कांग्रेस का कड़ा प्रहार विवाद की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष मुकेश नायक ने सरकार के इस कदम पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने इसे जनता के गाढ़े पसीने की कमाई का फिजूलखर्च बताते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि एक तरफ प्रदेश में आर्थिक मोर्चे पर कई चुनौतियां हैं और दूसरी तरफ सरकारी शानो-शौकत पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है। पार्टी का यह भी आरोप है कि यह फैसला जनता की प्राथमिकताओं से दूर है।
भाजपा का तीखा पलटवार कांग्रेस के इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने भी जोरदार पलटवार किया है। भाजपा के मीडिया अध्यक्ष ने कांग्रेस के बयानों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सरकार कौन बनाएगा और मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला सिर्फ और सिर्फ प्रदेश की जनता करती है। किसी नेता के बयान देने या मीडिया में बयानबाजी करने से कोई मुख्यमंत्री नहीं बन जाता। भाजपा ने दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस के पास जनता के बीच कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह हर विकास कार्यों और प्रशासनिक जरूरतों को भी राजनीति का रंग देने की कोशिश कर रही है।
सियासी तापमान बरकरार फिलहाल, विमान खरीद को लेकर शुरू हुआ यह राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ कांग्रेस इसे जनता के धन का दुरुपयोग बता रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा इसे प्रशासनिक जरूरत और जनादेश का अपमान बताकर कांग्रेस को घेर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा मध्य प्रदेश की सियासत में और अधिक गरमाने के पूरे आसार हैं।









