बोधवाड़ा कुक्षी — देवपथ शिवलिंग मंदिर में 108 पौधारोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कुक्षी – अतिप्राचीन देवपथ शिवलिंग मंदिर, बोधवाड़ा में रविवार को एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय व धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें 108 विविध प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया। माँ नर्मदा के पवित्र तट पर स्थित इस मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी चरणाश्रितजी गिरी महाराज उपस्थित रहे, जो इन दिनों माँ नर्मदा परिक्रमा पर निकले हुए हैं। उनके साथ आने वाले श्रद्धालुओं, ग्रामवासियों और कोटेश्वर नर्मदा बहुउद्देशीय सेवा संस्थान के सदस्यों ने मिलकर पौधारोपण किया।
इस अवसर पर अनंत श्री विभूषित परम पूज्य गुरुमाता श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर साध्वी आत्मवंदना गिरी भी उपस्थित रहीं।

महामंडलेश्वर स्वामी चरणाश्रितजी गिरी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि “पर्यावरण संरक्षण केवल दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारा पवित्र धर्म है।” उन्होंने नर्मदा भक्तों को प्रकृति बचाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में साथ आए डॉ. अभयजी पांडेय ने उपस्थित सभी भक्तों व अतिथियों का परिचय कराया तथा नर्मदा परिक्रमा में महामंडलेश्वर के मार्ग में जुड़े सहयोगियों के बारे में जानकारी दी।
सेवा संस्थान के अध्यक्ष मोहनभाई पाटीदार सहित देवेन्द्र पाटीदार धुलसर, दिलीप पाटीदार बड़वानी, अनिल पाटीदार पिपलिया, नवीन पाटीदार कवटी, गजानंद यादव, डॉ. देवेन्द्र यादव, भारत मुजाल्दा, संतोष यादव, हरिराम यादव, कमल यादव, महेश पाटीदार तथा बड़ी संख्या में नर्मदा भक्त कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। संस्थान द्वारा सभी अतिथियों का पुष्पहारों से स्वागत किया गया।
महामंडलेश्वर ने संस्था के सदस्यों को शाल एवं कन्या पूजन के माध्यम से सम्मानित किया। साथ ही उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद स्वरूप रुद्राक्ष माला भी भेंट की।
कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों ने पौधारोपण कर माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना की, जिससे वातावरण में आस्था, हरियाली और पवित्रता का सुंदर संदेश प्रसारित हुआ।
यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम साबित हुआ, जिसमें धर्म, प्रकृति और जनसहभागिता का श्रेष्ठ मिलन देखने को मिला।










