नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर्नाटक और गोवा के महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह कर्नाटक के उडुपी और गोवा के श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगालि जीवोत्तम मठ में आयोजित विशेष कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
उडुपी में भव्य भक्ति आयोजन

कर्नाटक के उडुपी पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी श्री कृष्ण मठ में आयोजित ‘लक्ष कंठ गीता पारायण’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। यह अद्वितीय भक्ति सभा लगभग 1,00,000 प्रतिभागियों की उपस्थिति में आयोजित होगी, जिसमें विद्यार्थी, संत-महात्मा, विद्वान और श्रद्धालु एक साथ मिलकर भगवद् गीता का पाठ करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ‘सुवर्ण तीर्थ मंडप’ का उद्घाटन करेंगे, जो कृष्ण मंदिर के गर्भगृह के सामने निर्मित एक भव्य संरचना है। इसके साथ ही वह पवित्र कनाकना किंडि को ‘कनक कवच’ (स्वर्ण आवरण) भी समर्पित करेंगे। मान्यता है कि इसी झरोखे से संत कनकदास को भगवान कृष्ण के दिव्य दर्शन प्राप्त हुए थे।
श्री कृष्ण मठ की स्थापना लगभग 800 वर्ष पूर्व द्वैत वेदांत दर्शन के प्रवर्तक श्री मध्वाचार्य ने की थी और तब से यह दक्षिण भारत का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है।
गोवा में भगवान राम की 77 फुट मूर्ति का अनावरण

दक्षिण गोवा के कैनाकोना स्थित श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगालि जीवोत्तम मठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 3.45 बजे पहुंचेंगे, जहां वह भगवान राम की 77 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे। मठ की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष श्रीनिवास डेम्पो ने बताया कि इस विशेष अवसर के लिए मठ परिसर में अस्थायी हेलीपैड तैयार किया गया है।
गोवा के लोक निर्माण मंत्री दिगंबर कामत ने जानकारी दी कि यह प्रतिमा प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार द्वारा बनाई गई है, जिन्होंने गुजरात की ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का डिजाइन तैयार किया था। यह प्रतिमा दुनिया में भगवान राम की सबसे ऊंची मूर्तियों में से एक मानी जा रही है।
कार्यक्रम में गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित करने से पहले मठ परिसर के मंदिर में विशेष दर्शन भी करेंगे।
मठ परंपरा के 550 वर्ष पूरे
मठ परंपरा के 550 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 27 नवंबर से 7 दिसंबर तक भव्य समारोहों का आयोजन किया जा रहा है। पार्टागल गांव में स्थित यह मठ 370 वर्ष पहले निर्मित किया गया था और सदियों से यह गोवा का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र रहा है। उत्सव के दौरान प्रतिदिन 7,000 से 10,000 श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है। मठ परिसर का हाल ही में नवीनीकरण कर इसे आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है, ताकि आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिकता को समर्पित यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी के दक्षिण भारत के धार्मिक स्थलों के प्रति सम्मान और संरक्षण की दृष्टि को और मजबूत करता है।









