औचक निरीक्षण से चौंकाया : CM मोहन यादव ने नानाखेड़ा बस स्टैंड पर यात्रियों से किया सीधा संवाद, खुद बनाई और पी चाय
उज्जैन: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन में नानाखेड़ा बस स्टैंड का अचानक दौरा कर सभी को हैरान कर दिया। यह औचक निरीक्षण मुख्यमंत्री की सहज और जमीनी शैली को दर्शाता है, जहाँ उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल से हटकर आम यात्रियों और बस स्टैंड से जुड़े लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया।
यात्रियों से सीधा संवाद और व्यवस्थाओं का जायजा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बस स्टैंड पर पहुँचकर सबसे पहले वहाँ मौजूद यात्रियों से बातचीत की। उन्होंने उनसे बस स्टैंड की वर्तमान व्यवस्थाओं, सुविधाओं और किसी भी प्रकार की समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह जानने का प्रयास किया कि यात्रियों को यात्रा के दौरान किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
इसके उपरांत, उन्होंने बस स्टैंड परिसर में ही ऑटो चालकों से मुलाकात की। ऑटो चालकों से बातचीत करते हुए उन्होंने उनकी समस्याओं, बस स्टैंड पर पार्किंग व्यवस्था और यात्रियों के आवागमन को सुचारू बनाने के संबंध में उनके सुझावों को सुना। इस दौरान, उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक सुधार करने के निर्देश भी दिए।
खुद चाय बनाई और ली चुस्की
निरीक्षण के दौरान सबसे रोचक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बस स्टैंड पर मौजूद एक गुमटी पर खुद चाय बनाई। उन्होंने अपने हाथ से चाय बनाकर उपस्थित लोगों को पिलाई और स्वयं भी चाय की चुस्की ली।
मुख्यमंत्री का यह सहज और अनौपचारिक अंदाज लोगों को खूब भाया। उनका खुद चाय बनाना न केवल बस स्टैंड के कर्मचारियों और यात्रियों के लिए एक यादगार पल बन गया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि मुख्यमंत्री आम आदमी के बीच रहकर उनकी तकलीफों और जीवन को समझना चाहते हैं।
निरीक्षण का उद्देश्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह औचक निरीक्षण उज्जैन, जो उनका गृह नगर भी है, में नागरिक सुविधाओं के प्रति उनकी गंभीरता को प्रदर्शित करता है। बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर अचानक जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेना, अधिकारियों के लिए भी एक स्पष्ट संकेत है कि उन्हें जन-सुविधाओं की गुणवत्ता बनाए रखने में कोई कोताही नहीं बरतनी है।
यह औचक दौरा डॉ. यादव के ‘जन-केंद्रित’ शासन की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










