भोपाल मध्य प्रदेश
MP – सियासी घमासान : जब सड़कों पर उतरा ‘युवा जोश’, भोपाल से इंदौर तक मचे घमासान की पूरी कहानी
मध्य प्रदेश में चुनावी बिसात बिछी हो या न हो, लेकिन सड़क की सियासत ने तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचा दिया है। भोपाल में कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) के बाहर जो मंजर है, वह यह बताने के लिए काफी है कि अब वार-पलटवार सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं रहा।
भोपाल: ‘नींद’ उड़ाने निकला युवा मोर्चा
भाजपा युवा मोर्चा के नेता श्याम सुंदर के नेतृत्व में आज कांग्रेस कार्यालय का घेराव किसी शक्ति प्रदर्शन से कम नहीं था। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
* मकसद: युवा मोर्चा का साफ कहना है कि वे कांग्रेस को उसकी ‘कुंभकर्णी नींद’ से जगाने आए हैं।
* नारेबाजी: “कांग्रेस होश में आओ” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। कार्यकर्ताओं के हाथों में मौजूद तख्तियां कांग्रेस की विफलताओं और महिलाओं के प्रति उनके कथित उदासीन रवैये पर तीखे प्रहार कर रही थीं।
इंदौर: आमने-सामने का ‘दंगल’
वहीं, इंदौर में हालात और भी गंभीर हो गए। वहां भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते स्थिति ‘खतरा’ (झड़प) की ओर बढ़ गई। पुलिस को बीच-बचाव करने में पसीने छूट गए। इंदौर की सड़कों पर दिखा यह नजारा साबित करता है कि दोनों ही दल झुकने को तैयार नहीं हैं।
प्रदर्शन के पीछे के 3 तीखे सवाल
* क्या यह सिर्फ विरोध है या शक्ति प्रदर्शन? युवा मोर्चा जिस आक्रामकता के साथ कांग्रेस कार्यालय के मुहाने तक पहुंचा है, उसने सुरक्षा व्यवस्था और कांग्रेस की घेराबंदी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
* महिलाओं का मुद्दा या चुनावी मुद्दा? प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी को भाजपा अपना सबसे बड़ा हथियार बना रही है, जबकि कांग्रेस इसे ‘इवेंट’ करार दे रही है।
* पुलिस की चुनौती: राजधानी के दिल में इस तरह का घेराव कानून-व्यवस्था के लिए एक लिटमस टेस्ट बन गया है।
नजरिया: लोकतंत्र में प्रदर्शन सबका अधिकार है, लेकिन जब दो प्रमुख दल सड़कों पर गुत्थमगुत्था होने लगें, तो विकास के मुद्दे अक्सर शोर में दब जाते हैं। आज भाजपा युवा मोर्चा ने जो ‘नींद जगाने’ का अभियान चलाया है, उसने निश्चित तौर पर कांग्रेस खेमे में हलचल तो मचा ही दी है।










