दिल्ली में आदिवासी, दलित एवं ओबीसी समाज का संयुक्त कार्यक्रम सफल, सामाजिक न्याय के लिए एकजुटता का संदेश

नई दिल्ली। आज दिल्ली में आदिवासी कांग्रेस, दलित समाज एवं ओबीसी समाज का संयुक्त कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसटी, एससी एवं ओबीसी समाज के अधिकारों, सम्मान, सामाजिक न्याय तथा ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संदेश दिया गया।

इस कार्यक्रम में ST SC OBC के राष्ट्रीय प्रभारी के राजू जी, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया जी, मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री रामू टेकाम जी, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक श्री पंचीलाल मेड़ा जी एवं महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती चंद्रा सरवटे जी ने संयुक्त रूप से मंच साझा किया।
इस अवसर पर नेताओं ने कहा कि एसटी, एससी एवं ओबीसी समाज के हितों और अधिकारों के लिए मिलकर आवाज उठाई जाएगी तथा समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की समस्याओं को मजबूती से सामने लाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत करने तथा गांव-गांव तक पहुंचकर जनता के अधिकारों एवं समस्याओं को सामने लाने पर भी चर्चा हुई।
आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक श्री पंचीलाल मेड़ा जी ने अपने संबोधन में आदिवासी क्षेत्रों में जमीन, विस्थापन और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
कार्यक्रम में कु. सैलजा जी सांसद, पूर्व विधायक श्री ग्यारसीलाल रावत जी, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक श्री ओंकार मरकाम जी, पूर्व विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले जी, प्रदेश महासचिव श्री अशोक डावर जी, श्री चैन सिंह वर्कुड़े जी सहित अनेक वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान बालाघाट क्षेत्र में बैगा समाज के लोगों की लगातार हो रही मौतों के मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त की गई। इस विषय को लेकर आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया जी ने कहा कि आदिवासी समाज के हितों और गंभीर जनसमस्याओं को लेकर वे राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष लगातार आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने बताया कि आदरणीय राहुल गांधी जी द्वारा बैगा समाज के प्रभावित परिवारों से मुलाकात किए जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि आदिवासी, दलित एवं ओबीसी समाज के अधिकारों और जनहित के मुद्दों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।










