धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर राहत पैकेज देने की मांग, खाली सिंचाई तालाब नर्मदा के पानी से भरने की पहल
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कलेक्टर राजीव रंजन मीणा को सौंपे दो अलग-अलग पत्र, किसानों को रबी फसल के लिए सिंचाई जल उपलब्ध कराने की मांग
धार/सरदारपुर। धार जिले में इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने के कारण किसानों के सामने रबी फसल की सिंचाई को लेकर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। कम बारिश के चलते जिले के कई बांध और सिंचाई तालाब पर्याप्त रूप से नहीं भर पाए हैं। किसानों की समस्याओं को देखते हुए सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल ने रविवार को सरदारपुर के खेल परिसर मैदान पर आयोजित सेवा सेतु अभियान सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में धार जिला कलेक्टर राजीव रंजन मीणा को दो अलग-अलग पत्र सौंपे। इन पत्रों के माध्यम से उन्होंने किसान हित में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
खाली सिंचाई तालाबों को नर्मदा के पानी से भरने की मांग
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने जिला कलेक्टर को सौंपे पत्र में कालीकराय बांध, गोविंदपुरा जलाशय, उण्डेली तालाब, मेस्को डेम, भोपावर तालाब, आनंदखेड़ी तालाब सहित अन्य प्रमुख सिंचाई तालाबों को नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर भरने की मांग की है।
विधायक ने पत्र में कहा कि नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए नर्मदा का पानी उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में कम वर्षा के कारण खाली रह गए प्रमुख जलाशयों एवं सिंचाई तालाबों को नर्मदा के पानी से भरना बेहद आवश्यक है, ताकि किसानों को आगामी रबी फसल के लिए पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो सके।
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने विशेष रूप से गोविंदपुरा जलाशय का उल्लेख करते हुए कहा कि इस जलाशय से सरदारपुर एवं राजगढ़ नगर की पेयजल व्यवस्था जुड़ी हुई है। कम वर्षा के कारण जलाशय पर्याप्त रूप से नहीं भर पाया है। ऐसे में आगामी समय में पेयजल संकट की स्थिति को देखते हुए गोविंदपुरा जलाशय में भी नर्मदा का पानी छोड़ा जाना आवश्यक है।
धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर राहत पैकेज देने की मांग
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से भेजे गए दूसरे पत्र में धार जिले में वर्ष 2026 में सामान्य से लगभग 13 इंच कम वर्षा होने का उल्लेख किया है। उन्होंने धार जिले को तत्काल सूखाग्रस्त/अल्प वर्षा प्रभावित क्षेत्र घोषित कर किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज प्रदान करने की मांग की है।
पत्र में विधायक ने बताया कि 3 अक्टूबर 2026 तक धार जिले में लगभग 19.41 इंच वर्षा दर्ज हुई है, जबकि जिले की सामान्य वर्षा लगभग 33 इंच है। इसी प्रकार सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र में भी सामान्य वर्षा की तुलना में काफी कम बारिश हुई है। कम वर्षा के कारण क्षेत्र के अनेक बांध एवं सिंचाई तालाब पर्याप्त रूप से नहीं भर पाए हैं, जिससे आगामी रबी फसल के लिए किसानों के सामने सिंचाई जल की समस्या खड़ी हो गई है।
विधायक ग्रेवाल ने मांग की है कि कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज उपलब्ध कराया जाए, ताकि कम बारिश से प्रभावित किसानों को आवश्यक राहत मिल सके।
किसानों को सिंचाई और पेयजल संकट से राहत दिलाने की मांग
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने प्रशासन से मांग की कि दोनों पत्रों में उठाई गई मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की जाए। खाली पड़े सिंचाई तालाबों और जलाशयों को नर्मदा के पानी से भरने की व्यवस्था होने से किसानों को आगामी रबी फसल के लिए सिंचाई जल उपलब्ध हो सकेगा। वहीं गोविंदपुरा जलाशय में पानी भरने से सरदारपुर एवं राजगढ़ नगर की पेयजल व्यवस्था को भी सहारा मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में किसानों को सिंचाई जल उपलब्ध कराना और संभावित पेयजल संकट से निपटना प्राथमिकता होना चाहिए, ताकि कम वर्षा के कारण उत्पन्न परिस्थितियों में किसानों एवं आम नागरिकों को राहत मिल सके।










