संपादक – रानू शर्मा

नया भारत: परंपरा और प्रगति का संगम
भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक विश्व में पुनः प्रतिष्ठित करने का कार्य आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में हो रहा है। “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” जैसे विचारों को उन्होंने न केवल शब्दों में, बल्कि कार्यों में भी साकार किया है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की स्थापना, आयुर्वेद और भारतीय जीवनशैली को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना, तथा राम मंदिर निर्माण जैसे सांस्कृतिक कार्यों से उन्होंने भारत की आत्मा को जाग्रत किया है। वहीं चंद्रयान-3, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को तकनीकी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।
धारा 370 हटाना, ऑपरेशन सिंदूर जैसे निर्णायक कदम और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसे जनभागीदारी अभियान उनके संतुलित, संवेदनशील और सशक्त नेतृत्व के उदाहरण हैं।
मोदी जी के नेतृत्व में भारत न केवल एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए एक प्रकाशस्तंभ के रूप में उभर रहा है — एक सच्चा जगतगुरु।

डॉ. अभिलाष पाण्डेय के विचार
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मोत्सव पर लेखक एवं विचारक विधायक उत्तर जबलपुर










