भोपाल – विकास की रफ्तार को डिजिटल पंख — मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया PMS 2.0, PWD में जवाबदेही का नया अध्याय शुरू
भोपाल के रवींद्र भवन में गुरुवार को प्रशासनिक सक्रियता और विकास के विज़न का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के लिए बहुप्रतीक्षित PMS 2.0 पोर्टल लॉन्च किया। यह कदम विभागीय कार्यप्रणाली को डिजिटल, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब विकास कार्यों में ढिलाई, देरी और लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। PMS 2.0 पोर्टल के माध्यम से परियोजनाओं की निगरानी, प्रगति की ट्रैकिंग और जवाबदेही तय करना पहले से अधिक आसान और सख्त होगा। माना जा रहा है कि यह पोर्टल ठेके, निर्माण कार्य और गुणवत्ता नियंत्रण में पारदर्शिता को नई धार देगा।
इसी मंच से मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के ब्रोशर और पुस्तकों के मैनुअल का विमोचन भी किया। इन दस्तावेजों को विभागीय कार्यों में एकरूपता, मानकीकरण और गुणवत्ता सुधार का आधार बताया गया। सरकार का दावा है कि इससे निर्माण कार्यों में तकनीकी स्पष्टता और प्रक्रियात्मक मजबूती आएगी।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री की उपस्थिति में म.प्र. सड़क विकास निगम और म.प्र. भवन विकास निगम द्वारा विभिन्न संस्थाओं के साथ किए गए एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इन समझौतों को राज्य के बुनियादी ढांचे को गति देने और निवेश को आकर्षित करने की दिशा में निर्णायक कदम बताया गया।
सरकार की मंशा साफ दिखी — अब विकास योजनाएं केवल फाइलों में नहीं, ज़मीन पर नतीजों में दिखनी चाहिए। डिजिटल मॉनिटरिंग, प्रशिक्षण और संस्थागत साझेदारी के जरिए प्रशासनिक मशीनरी को तेज और जवाबदेह बनाने का यह प्रयास आने वाले समय में कितना असरदार साबित होता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
रवींद्र भवन में आयोजित यह कार्यक्रम केवल औपचारिक लॉन्च नहीं, बल्कि यह संकेत था कि मध्यप्रदेश में विकास की गाड़ी को अब तकनीक और प्रशिक्षण के ट्रैक पर दौड़ाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।










