भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में किसानों, जल संरक्षण और सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में किसानों को बड़ी राहत देते हुए फसल ऋण की नियमावली में बदलाव को मंजूरी दी गई।

नई व्यवस्था के तहत अब किसानों को ऋण लेने की तिथि से पूरे एक वर्ष के भीतर ऋण राशि जमा करने का अवसर मिलेगा। पहले ऋण भुगतान की समय-सीमा 31 मार्च अथवा कम अवधि के आधार पर निर्धारित होती थी, जिससे किसानों को कठिनाई का सामना करना पड़ता था। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से किसानों को फसल चक्र के अनुसार ऋण चुकाने में सुविधा मिलेगी।

बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर चलाए गए सुझाव अभियान की भी समीक्षा की गई। सरकार को इस विषय पर लगभग दो लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनका परीक्षण किया जा रहा है।

मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि 25 से 30 जून तक विशेष अभियान चलाकर जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों को और गति दी जाएगी। इसके साथ ही आगामी जुलाई माह में गुरु पूर्णिमा को विशेष रूप से मनाने का निर्णय भी कैबिनेट में लिया गया।

बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया चार दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास की सफलता और विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।
कैबिनेट के फैसलों को किसानों के हित, जल संरक्षण और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










