मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक : गोवर्धन पूजा, गांधी सागर में आगामी बैठक और किसानों के कल्याण पर विशेष जोर
भोपाल:
मध्य प्रदेश सरकार की आज (03 नवंबर 2026) संपन्न हुई महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक के बाद, मंत्री चेतन्य काश्यप ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान राज्य सरकार के कई अहम फैसलों और आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की। बैठक में स्वदेशी अपनाने, किसानों के हितों, वन भूमि के विकास और जल संसाधन परियोजनाओं को लेकर बड़े निर्णय लिए गए हैं।
🌟 कैबिनेट के प्रमुख निर्णय और चर्चा के मुख्य बिंदु:
- दीपावली और स्वदेशी को बढ़ावा: सरकार ने दीपावली के पावन अवसर पर विशेष गोवर्धन पूजा के आयोजन का निर्णय लिया है। साथ ही, त्योहारी खरीदी में ‘स्वदेशी उत्पादों’ को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं।
- मध्य प्रदेश स्थापना दिवस: राज्य में स्थापना दिवस के अवसर पर 3 दिवसीय विशेष कार्यक्रमों का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
- लोकतंत्र और तथ्यात्मक राजनीति: जबलपुर सहित संपूर्ण मध्य प्रदेश में लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता के विरोध में कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जा रही है। बिना तथ्यों के आधार पर देश और भारत की छवि को प्रभावित करने वाले प्रयासों की सरकार ने कड़ी निंदा की है।
- विकसित भारत 2047 का विजन: वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के तहत मध्य प्रदेश सरकार निरंतर मॉनिटरिंग और बेहतर मैनेजमेंट के साथ कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- निशुल्क रजिस्ट्री की सफलता: सरकार के सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक ‘निशुल्क रजिस्ट्री’ प्रक्रिया को लेकर बड़ी सफलता हासिल हुई है, जिसकी सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।
🌾 किसानों और ग्रामीण विकास को समर्पित ‘गांधी सागर कैबिनेट’ (18 नवंबर)
- गांधी सागर में विशेष बैठक: मध्य प्रदेश सरकार की अगली कैबिनेट बैठक आगामी 18 नवंबर को गांधी सागर में आयोजित की जाएगी।
- किसान वर्ष 2026 के कार्य: वर्ष 2026 को ‘किसान वर्ष’ के रूप में मनाते हुए, सरकार ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरे वर्ष विशेष कार्य किए हैं। मोहन सरकार ने किसानों को पशुओं से संबंधित समस्याओं समेत तमाम कठिनाइयों से राहत दिलाने के लिए पुख्ता कदम उठाए हैं।
- नीलगाय समस्या का समाधान: वन विभाग ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुँचाने वाली नीलगायों को सुरक्षित पकड़कर अन्य उपयुक्त स्थानों पर छोड़ने के कार्य में बड़ी सफलता प्राप्त की है।
- वन भूमि के लिए बजट: वन भूमि के विकास और संरक्षण के लिए सरकार ने 1960 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
💧 जल संसाधन और अन्य विकास परियोजनाएं
जल संसाधन विभाग के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों में विकास कार्यों को गति दी गई है, जिनमें प्रमुख हैं:
- पन्ना जिला
- विदिशा जिला
- मऊगंज जिला
- आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर शिप्रा नदी के विकास और संरक्षण कार्यों को भी सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
📌 राजनीतिक स्थिति और अराजकता के मुद्दों पर स्पष्टीकरण
मंत्री चेतन्य काश्यप ने मीडिया ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्रिमंडल के बीच बैठक में राजनीतिक गलियारों में फैल रही अराजकता को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा कैबिनेट के भीतर जिन विषयों का जिक्र किया गया था, उन्हें मीडिया के समक्ष रखना सरकार की पारदर्शी कार्यशैली का हिस्सा है।









