मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में 30 करोड़ का महा-घोटाला, पूर्व मंत्री के साढ़ू पर ED का शिकंजा; 5.37 करोड़ की संपत्ति कुर्क
भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में गरीबों की बेटियों के विवाह के नाम पर हुए एक बड़े फर्जीवाड़े में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में कोरोना काल के दौरान लगभग 30.18 करोड़ रुपये के गबन के मामले में ED के भोपाल जोनल कार्यालय ने पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के साढ़ू और सिरोंज जनपद पंचायत के तत्कालीन CEO शोभित त्रिपाठी की 5.37 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच (कुर्क) कर ली हैं।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब जांच एजेंसियों ने इस हाई-प्रोफाइल घोटाले की परतों को टटोला। आइए जानते हैं इस बड़े घोटाले से जुड़ी मुख्य बातें:
कैसे हुआ 30 करोड़ का यह बड़ा फर्जीवाड़ा?
- फर्जी शादियों का खेल: वर्ष 2020-21 (कोरोना काल) के दौरान सिरोंज जनपद पंचायत में बड़े पैमाने पर कागजों पर फर्जी शादियां दिखाई गईं।
- हैरान करने वाले आंकड़े: तत्कालीन CEO शोभित त्रिपाठी और उनके सहयोगियों ने मिलकर कुल 5,923 संदिग्ध विवाह सहायता प्रकरणों को मंजूरी दी।
- सरकारी खजाने को चूना: इन फर्जी मामलों के जरिए कुल 30.18 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि अपात्र लोगों और फर्जी खातों में बांट दी गई।
ED की बड़ी कार्रवाई: कहां-कहां कसा शिकंजा?
- संपत्तियां कुर्क: मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी शोभित त्रिपाठी और उनके सहयोगी हेमंत साहू के नाम पर दर्ज करोड़ों की संपत्तियों को जब्त किया गया है।
- पहले ही हो चुकी है गिरफ्तारी: इस वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामले में ED ने लगभग दो महीने पहले ही मुख्य आरोपी शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद से लगातार जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
- कार्यकाल पर सवाल: आरोपी शोभित त्रिपाठी ने वर्ष 2019 से नवंबर 2021 तक सिरोंज जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं, और इसी दौरान इस बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया।
सख्त संदेश: गरीब कन्याओं के हक और सरकारी धन में इस तरह की धांधली करने वालों पर केंद्रीय जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है, जिससे राजनीतिक गलियारों में भी हड़कंप मचा हुआ है।









