संपादक रानू शर्मा, भोपाल…!
2 अक्टूबर को रवि योग में दशहरा उत्सव मनाया जाएगा ।

धार । हिन्दु धर्म में दशहरे का त्योहार बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है । इस दिन को विजय दशमी भी कहा जाता है, क्योंकि मां दुर्गा ने इसी दिन राक्षस महिषासुर का वध किया था । दशहरे का त्योहार हर साल अश्विवन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है । इस पर्व को धर्म की अधर्म पर जीत के रूप में उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस बार तिथि की असमंजसता को लेकर मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिष गुरु डॉ.अशोक शास्त्री ने बताया कि इस बार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 01 अक्टूबर को सायं 07:01 बजे से शुरू होगी । वहीं, इस तिथि का समापन 02 अक्टूबर को सायं 07:10 मिनट पर होगा । ऐसे में दशहरा का पर्व 02 अक्टूबर को मनाया जाएगा, रावण दहन प्रदोष काल में किया जाता है । इस दिन सूर्यास्त शाम 06:06 मिनट पर होगा । ऐसे में प्रदोष काल में रावण दहन किया जाएगा।

डॉ. अशोक शास्त्री
डॉ. अशोक शास्त्री के मुताबिक़ इस बार यह पर्व और खास होने वाला है क्योंकि इस दिन, रवि योग बन रहा है । रवि योग में सूर्य का प्रभाव अधिक होता है । सूर्य के प्रभाव से सभी प्रकार के दोष मिट जाते हैं । साथ ही इस दिन सुकर्मा योग और धृति योग भी बन रहा है । जो इस दिन को और खास बनाता है ।
डॉ. अशोक शास्त्री के अनुसार, त्रेता युग में भगवान श्रीराम ने अश्विन शुक्ल दशमी को लंका के अधर्मी राजा रावण का वध किया था और माता सीता को उसके चंगुल से मुक्त कराया था । इस प्रकार से असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत हुई थी । इस उपलक्ष्य में हर साल अश्विन शुक्ल दशमी को दशहरा का त्योहार मनाते हैं और रावण का पुतला दहन करते हैं । आज के परिदृश्य में हर साल नवरात्रि के प्रारंभ से रामलीला का मंचन होता है और दशहरा के दिन रावण वध यानी रावण दहन के साथ उसका समापन होता है । दशहरा के अवसर पर देशभर में मेलों का आयोजन भी किया जाता है ।










