🚄 प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी से चार नई ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी : देश की गति और आस्था को मिली नई ऊर्जा
वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (8 नवंबर 2025) को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से देश को एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने यहां से एक साथ चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेनें देश की संस्कृति, आस्था और विकास की यात्रा को जोड़ रही हैं, और यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ का एक सशक्त प्रतीक हैं।
नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के रूट
ये चार नई ट्रेनें विभिन्न महत्वपूर्ण रूटों पर चलेंगी, जिससे देश के कई हिस्सों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रा समय में कमी आएगी…!
- बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस: यह ट्रेन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़ेगी। इससे यात्रियों का करीब 2 घंटे 40 मिनट का समय बचेगा और तीर्थयात्रा तथा पर्यटन को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
- लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस
- फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस
- एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस: यह रूट केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा देगा।
’वंदे भारत’ – भारतीयों की ट्रेन
ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने के बाद अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “आज वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें, भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव तैयार कर रही हैं।” उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस को “भारतीयों की, भारतीयों द्वारा, भारतीयों के लिए बनाई गई ट्रेन” बताया, जिस पर हर भारतीय को गर्व है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन नई ट्रेनों के शामिल होने से देश में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की कुल संख्या 100 के पार हो गई है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल की सफलता को दर्शाता है। यह कदम न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि यात्री सुविधा, सुरक्षा और गति पर भी सरकार के जोर को प्रमाणित करता है।
यह लॉन्च देश के रेलवे के आधुनिकीकरण और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।










