बजट सत्र से पहले मोहन कैबिनेट की अहम बैठक
नई आबकारी नीति और किसान-हितैषी योजनाओं पर लगी मुहर
भोपाल।
मध्य प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक मंत्रालय में आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य की नई आबकारी नीति, बड़ी सिंचाई परियोजनाओं, आदिवासी कल्याण और सामाजिक योजनाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने मीडिया को कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत जानकारी दी।
कैबिनेट के पांच बड़े फैसले
नर्मदा विस्थापितों को बड़ी राहत
सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित धार, बड़वानी और अलीराजपुर जिलों के 25,602 आदिवासी परिवारों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। इन परिवारों को आवंटित भूखंडों के पट्टों की रजिस्ट्री अब पूरी तरह निःशुल्क होगी। इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 600 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।
नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
कटनी और मैहर जिलों के लिए 620.65 करोड़ रुपये की लागत वाली दो सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं—धनवाही और बरही—को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद है।
नई आबकारी नीति 2026-27 लागू
कैबिनेट ने नई आबकारी नीति को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने वर्ष 2026-27 में लगभग 19 हजार करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह का लक्ष्य रखा है। नीति में पारदर्शिता बढ़ाने, अवैध शराब पर रोक लगाने और राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ करने के कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।
राज्य समाज कल्याण मंडल का विलय
कैबिनेट ने राज्य समाज कल्याण मंडल को भंग करने का निर्णय लिया है। मंडल के कर्मचारियों का संविलियन महिला एवं बाल विकास विभाग में किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
योजनाओं की निरंतरता सुनिश्चित
राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों की लगभग 10 महत्वपूर्ण योजनाओं को अगले पांच वर्षों (2026-31) तक जारी रखने के लिए वित्तीय आवंटन को मंजूरी दी है, ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।
बजट सत्र पर विशेष फोकस
यह बैठक आगामी बजट सत्र को देखते हुए बेहद अहम मानी जा रही है। मध्य प्रदेश का बजट 18 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा। कैबिनेट में बजट के स्वरूप और नए नवाचारों पर भी चर्चा हुई। मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि सरकार का मुख्य फोकस ‘कृषि-आधारित उद्योगों’ और ‘रोजगार सृजन’ पर रहेगा, जिसके लिए विशेष फंड का प्रावधान किया जा रहा है।
पशुपतिनाथ लोक और पुष्प महोत्सव की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट को महाकाल लोक की तर्ज पर मंदसौर में ‘पशुपतिनाथ लोक’ के विकास की योजना से अवगत कराया। इसके साथ ही प्रदेश में पहली बार आयोजित होने वाले ‘पुष्प महोत्सव’ को लेकर भी चर्चा की गई, जिससे पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।










