PWD कार्यालय में लोकायुक्त का छापा, रिटायरमेंट के नाम पर रिश्वत लेती महिला कर्मचारी गिरफ्तार
रानू शर्मा संपादक…!
भोपाल। राजधानी में सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता का एक और मामला सामने आया है, जहाँ एक कर्मचारी को उसके बुढ़ापे की जमा-पूंजी और रिटायरमेंट के हक दिलाने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी। लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के विद्युत यांत्रिकी उपसंभाग-1 में बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला कर्मचारी अर्शी खान को 2500 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
‘हर काम का अलग दाम’
जांच में सामने आया कि कार्यालय में रिटायरमेंट से जुड़े हर दस्तावेज को आगे बढ़ाने के लिए ‘रेट कार्ड’ तय कर लिया गया था। सेवानिवृत्ति के प्रकरण तैयार करने और शासन से मिलने वाले विभिन्न भुगतानों की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के बदले पैसों की मांग की जा रही थी।
अगस्त 2026 में होने वाले हैं रिटायर
लोकायुक्त पुलिस को जाटखेड़ी रोड निवासी कार्तिकचंद्र सरकार ने शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी पीडब्ल्यूडी संभाग-1 में वायरमैन के पद पर कार्यरत हैं और अगस्त 2026 में सेवामुक्त होने वाले हैं। उनके रिटायरमेंट की कागजी कार्रवाई अभी से शुरू होनी थी, जिसके लिए अर्शी खान द्वारा कथित तौर पर परेशान किया जा रहा था।
कार्रवाई का विवरण
कार्तिकचंद्र सरकार की शिकायत का सत्यापन करने के बाद, लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को जाल बिछाया:
स्थान: PWD विद्युत यांत्रिकी उपसंभाग-1 कार्यालय परिसर।
पकड़ी गई राशि: 2500 रुपए (केमिकल युक्त नोटों के साथ)।
जैसे ही अर्शी खान ने रिश्वत की राशि हाथ में ली, लोकायुक्त की टीम ने उन्हें दबोच लिया। हाथ धुलवाते ही रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने का पुख्ता सबूत है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी महिला कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। लोकायुक्त पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस ‘हर काम का अलग दाम’ वाले खेल में विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।










