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“भंवरकुआं में ‘खाक’ हुई सुरक्षा: तीन इमली के पास तीन बसें स्वाहा, क्या प्रशासन को अब भी और राख का इंतज़ार है?”

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भंवरकुआं में ‘अग्नि-तांडव’: लपटों ने लील लीं तीन बसें, सुरक्षा दावों की खुली पोल

इंदौर – शहर का व्यस्ततम इलाका ‘तीन इमली’ शनिवार रात उस वक्त दहल उठा, जब यहाँ बनी एक प्राइवेट पार्किंग अचानक आग का गोला बन गई। पार्किंग में खड़ी बसों से उठती ऊंची लपटों ने न केवल आसमान काला कर दिया, बल्कि प्रशासन और बस संचालकों के सुरक्षा इंतजामों की भी धज्जियां उड़ा दीं।

खौफनाक मंजर: देखते ही देखते खाक हुए ‘पहिए’

जानकारी के मुताबिक, आग इतनी भीषण थी कि पार्किंग में खड़ी तीन बसें पूरी तरह इसकी चपेट में आ गईं। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। गनीमत रही कि यह हादसा रात के वक्त हुआ और बसों में यात्री सवार नहीं थे, वरना एक बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था। लेकिन सवाल यह है कि आखिर इन बसों में आग लगी कैसे? क्या यह शॉर्ट सर्किट था या फिर पार्किंग स्थलों पर होने वाली कोई बड़ी लापरवाही?

देर से जागा सिस्टम?

घटना की सूचना मिलते ही भंवरकुआं पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जब तक पानी की बौछारें आग को शांत कर पातीं, तब तक तीन बसें लोहे के कंकाल में तब्दील हो चुकी थीं।

कड़वा सच: निजी बस पार्किंग क्षेत्रों में अक्सर फायर सेफ्टी मानकों को ताक पर रख दिया जाता है। घनी आबादी और व्यस्त रास्तों के पास इस तरह के बेतरतीब पार्किंग स्थल किसी “टाइम बम” से कम नहीं हैं।

तीखे सवाल जिनका जवाब जरूरी है:

क्या इन प्राइवेट पार्किंग स्थलों के पास आग से निपटने का कोई अपना सिस्टम मौजूद है?

शहर के बीचों-बीच चल रहे इन बस स्टैंड्स की सुरक्षा जांच आखिर कब होगी?

क्या प्रशासन केवल राख होने का इंतज़ार करता है, या भविष्य के लिए कोई सख्त कदम उठाएगा?

पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग के कारणों का पता लगाया जा रहा है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

Tahalka Bharat
Author: Tahalka Bharat

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