हवस और हैवानियत: इंस्टाग्राम की दोस्ती पड़ी भारी, दरिंदे ने महिला को अगवा कर होटल में लूटी अस्मत
भोपाल। राजधानी के मंगलवारा इलाके में सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती और फिर उसे जबरन हवस का जरिया बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक तरफ जहाँ डिजिटल इंडिया सुरक्षित होने का दावा करता है, वहीं ‘इंस्टाग्राम’ के जरिए जाल बिछाकर एक दरिंदे ने न सिर्फ महिला का अपहरण किया, बल्कि होटल ले जाकर उसके साथ सामूहिक ज्यादती (गैंगरेप) की वारदात को अंजाम दिया।
बातचीत बंद की तो जागा ‘सनकी’ का गुस्सा
सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता की जान-पहचान आरोपी से लगभग दो महीने पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी। महिला ने जब आरोपी की असलियत भांपते हुए उससे दूरी बनाई और बातचीत बंद कर दी, तो आरोपी की ‘मर्दानगी’ को चोट पहुँची। पीछा करने और बार-बार दबाव बनाने के बाद, आरोपी ने महिला को डरा-धमकाकर उसी के दोपहिया वाहन पर अगवा किया और पास के ही एक होटल में ले जाकर हैवानियत की हदें पार कर दीं।
पीटा, नोचा और सड़क पर फेंका
आरोपी की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। ज्यादती के बाद आरोपी ने महिला के साथ जमकर मारपीट की और उसे बेसहारा हालत में सड़क पर छोड़कर फरार हो गया। सुबह होते ही जब पुलिस को सूचना मिली, तो मंगलवारा थाना प्रभारी अजय कुमार सोनी ने मौके पर पहुँचकर मामले की गंभीरता को समझा। पुलिस की सघन पूछताछ में महिला ने आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस ने चंद घंटों में ही मामले की परतों को उधेड़ कर रख दिया।
पुलिस की रडार पर डीआईजी बंगले का आरोपी
बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी डीआईजी बंगले क्षेत्र का रहने वाला है। फिलहाल मंगलवारा पुलिस ने टीम गठित कर दी है और दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होगा।
सवाल यह है कि क्या सोशल मीडिया पर ना कहना इतना बड़ा गुनाह है कि उसकी कीमत महिला को अपनी आबरू और सुरक्षा से चुकानी पड़े?










