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600 किमी का इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ₹1 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य; 3 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
भोपाल। मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए इंदौर-भोपाल-जबलपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में बताया कि इस परियोजना के लिए राज्य शासन की स्वामित्व वाली विशेष प्रयोजन कंपनी (SPV) का गठन किया गया है। कंपनी की प्रारंभिक पूंजी ₹100 करोड़ होगी।
करीब 600 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, देवास और इंदौर सहित सात जिलों को शामिल किया जाएगा। इसके तहत पांच संभावित आर्थिक क्लस्टर विकसित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, मार्च 2028 तक ₹1 लाख करोड़ के निवेश और 3 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना की पूर्ण अवधि में रोजगार का आंकड़ा 6 लाख तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
कॉरिडोर में हैवी इंडस्ट्री, पर्यटन, एविएशन, माइनिंग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और फर्नीचर उद्योग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। उद्योगों के साथ भविष्य में आवासीय टाउनशिप विकसित करने की भी योजना है।
SPV सड़क निर्माण एजेंसी के रूप में काम नहीं करेगी। सड़क निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) के पास रहेगी। परियोजना को DPR के आधार पर PPP, संस्थागत वित्त, भूमि मुद्रीकरण, लीज प्रीमियम और यूजर चार्ज जैसे माध्यमों से आगे बढ़ाने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकौशल, मालवा, मध्यभारत और विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक संभावनाओं को विकसित कर प्रदेश को विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।










