मंत्री सिलावट का ‘हंटर’: अफसरों को अल्टीमेटम—बरसात से पहले सड़कों का काम पूरा करो, वरना खैर नहीं!
इन्दौर : मध्य प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री तुलसीराम सिलावट अब विकास कार्यों में हो रही सुस्ती को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। अपने निज निवास पर MPRDC, NHAI, PWD और PMGSY के आला अफसरों की क्लास लेते हुए मंत्री ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जनता की सुविधा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मानसून से पहले ‘डेडलाइन’ का वार
बैठक के दौरान मंत्री सिलावट का मुख्य फोकस सांवेर विधानसभा क्षेत्र रहा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि क्षेत्र में जितने भी निर्माणाधीन पुल-पुलिया और सड़कें हैं, उन्हें आगामी वर्षा ऋतु की पहली बूंद गिरने से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाए। सिलावट ने साफ किया कि बारिश के दौरान जनता को होने वाली कीचड़ और जाम की समस्या के लिए सीधे तौर पर संबंधित विभाग के अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
फ्लाईओवर और 6-लेन परियोजना पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
बैठक में विकास की धीमी रफ्तार पर मंत्री के तेवर काफी तल्ख नजर आए। उन्होंने विशेष रूप से इन प्रोजेक्ट्स पर कड़े निर्देश दिए:
अर्जुनबरोदा और झलारिया फ्लाईओर: इन दोनों ब्रिज के निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने काम में ‘रफ्तार’ लाने के आदेश दिए।
इन्दौर-सांवेर-उज्जैन 6 लेन मार्ग: महाकाल की नगरी को जोड़ने वाली इस लाइफलाइन परियोजना को लेकर उन्होंने स्पष्ट कहा कि इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरा करना होगा। फाइलों में उलझे रहने के बजाय जमीन पर परिणाम दिखने चाहिए।
अफसरों की बढ़ी धड़कनें
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री की ‘सख्ती’ देखकर विभाग के अधिकारियों के पसीने छूट गए। सिलावट ने स्पष्ट कर दिया है कि वे केवल कागजी विकास से संतुष्ट नहीं होने वाले हैं। उन्होंने फील्ड विजिट बढ़ाने और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को मैदान में उतरने को मजबूर कर दिया है।
“सांवेर की जनता को विकास का इंतजार है, बहानेबाजी का नहीं। मानसून से पहले काम पूरा करें, लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।”
— तुलसीराम सिलावट, कैबिनेट मंत्री










