फर्जी बिल… करोड़ों का पेमेंट! ED की रेड में रीवा के ठेकेदार का भंडाफोड़, भोपाल से भारी कैश बरामद
ED का बड़ा एक्शन: एमपी में फर्जी बिल और एजुकेशन घोटाले पर प्रहार; रीवा-जबलपुर से भोपाल तक छापेमारी, ₹3.97 करोड़ कैश समेत करोड़ों की संपत्ति जब्त
भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान ईडी ने करोड़ों रुपए की चल-अचल संपत्ति और भारी मात्रा में नकदी जब्त की है। जांच एजेंसी के इस कड़े रुख से प्रदेश के ठेकेदारों और रसूखदारों में हड़कंप मच गया है।
सड़क निर्माण में 55.60 करोड़ का ‘फर्जी बिल’ घोटाला
ईडी की पहली बड़ी कार्रवाई रीवा और जबलपुर में सड़क निर्माण कार्यों से जुड़ी है। जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग (विदेशी मुद्रा और धन शोधन) के तहत मामला दर्ज कर 19 जून को रीवा और जबलपुर जिलों के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ सर्चिंग ऑपरेशन चलाया।
घोटाले का तरीका : जांच में सामने आया कि ठेकेदार और संबंधित कंपनियों ने सड़क निर्माण के नाम पर ₹55.60 करोड़ के फर्जी बिल तैयार किए।
सरकारी खजाने को चपत – इन फर्जी बिलों को असली बताकर सरकारी विभागों से करोड़ों रुपए का भुगतान (पेमेंट) भी उठा लिया गया। ईडी ने इस मामले में शामिल आरोपियों की करोड़ों रुपए की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज और जब्त कर लिया है।
भोपाल की एजुकेशन सोसायटी पर रेड, ₹3.97 करोड़ कैश बरामद
ईडी का दूसरा बड़ा एक्शन राजधानी भोपाल में देखने को मिला, जहाँ एक प्रतिष्ठित एजुकेशन सोसायटी में बड़े पैमाने पर वित्तीय हेरफेर की शिकायत मिली थी।
12 ठिकानों पर एक साथ छापा : ईडी की टीमों ने सोसायटी से जुड़े 12 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
नोटों के बंडल बरामद : इस मैराथन सर्चिंग के दौरान एक निजी कंपनी के परिसर से ₹3.97 करोड़ की भारी-भरकम नकदी (कैश) बरामद की गई। इसके अलावा कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत भी हाथ लगे हैं।
बड़ी बात
ईडी की इस दोहरी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले ठेकेदार हों या शिक्षा की आड़ में वित्तीय साम्राज्य खड़ा करने वाले संस्थान, केंद्रीय जांच एजेंसी के रडार पर सब हैं। फिलहाल दोनों ही मामलों में दस्तावेजों की स्क्रूटनी जारी है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की उम्मीद है।










