PWD अफसर के ठिकानों पर छापा : निकले करोड़ों के जेवर, शहद और कारें

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लोकायुक्त ने पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर गोविंद प्रसाद मेहरा (जीपी मेहरा) के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की अघोषित संपत्ति का खुलासा किया है। छापे में 3.60 करोड़ के जेवर, 36 लाख कैश, 56 लाख की एफडी, 32 निर्माणाधीन कॉटेज, 17 टन शहद, महंगे कृषि उपकरण, 6 ट्रैक्टर, 2 गौशालाएं, 2 तालाब और लग्जरी वाहनों का जखीरा मिला है।
लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार को एक साथ मन्नीपुरम कॉलोनी, दानापानी स्थित ओपल रेजेंसी फ्लैट, सैनी गांव (नर्मदापुरम) के फार्महाउस और गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित पाइप फैक्ट्री पर छापेमारी की।
छापे में बरामद संपत्ति –
सैनी गांव (नर्मदापुरम) : 17 टन शहद, 6 ट्रैक्टर, 2 तालाब, 2 गौशालाएं, 32 निर्माणाधीन और 7 तैयार कॉटेज, हाइटेक मछली पालन केंद्र, मंदिर और कृषि उपकरण।
मन्नीपुरम (भोपाल) : ₹8.79 लाख नकद, ₹50 लाख के जेवर, ₹56 लाख की एफडी, ₹60 लाख के प्रॉपर्टी दस्तावेज।
दानापानी फ्लैट : ₹26 लाख नकद, 2.649 किग्रा सोना (₹3.05 करोड़) और 5.523 किग्रा चांदी (₹5.93 लाख)।
गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया : पीवीसी पाइप फैक्ट्री, ₹1.25 लाख नकद, मशीनें, कच्चा माल और प्रॉपर्टी दस्तावेज।
मेहरा के परिवार के नाम पर फोर्ड एंडेवर, स्कोडा सलाविया, किया सोनेट और मारुति सियाज जैसी गाड़ियाँ भी मिली हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने अधिकतर संपत्ति खुद और परिवार के नाम पर खरीदी थी।
लोकायुक्त की जांच जारी है और अब टीम इस विशाल संपत्ति के स्रोत और लेनदेन के दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही है।
– भोपाल ब्यूरो रिपोर्ट










