
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य भारतीय इतिहास के ऐसे महान शासक थे, जिन्होंने दान, वीरता, न्याय और सुशासन के उच्चतम आदर्श स्थापित किए। उन्होंने कहा कि ‘सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य’ ने सम्राट के प्रेरक व्यक्तित्व को जीवंत कर दिया है। इस भव्य नाट्य मंचन से जन-जन को हमारे गौरवशाली अतीत की झलक मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपने शासनकाल में नागरिकों को ऋणमुक्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लेकर जनकल्याण की मिसाल पेश की। उनके द्वारा विक्रम संवत की शुरुआत भारतीय समय गणना और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन गई।

डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को परास्त कर भारत को उनके अत्याचारों से मुक्त कराया और राष्ट्र को स्वाभिमान व एकता की नई पहचान दी। उन्होंने देश में सुशासन का ऐसा मापदंड स्थापित किया, जो आज भी आदर्श के रूप में देखा जाता है।
मुख्यमंत्री ने महानाट्य के सभी कलाकारों और आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इतिहास के स्वर्णिम अध्याय को मंच पर शानदार रूप में प्रस्तुत कर समाज को प्रेरित किया है।










