
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने शनिवार को SIR (Systematic Information of Registration) को लेकर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे सवाल उठाए।
जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया है, जिसके फॉर्म AICC के जरिए राष्ट्रपति को सौंपे जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि “लोकतंत्र को लूटा जा रहा है, चुनाव आयोग पूरी तरह फेल हो चुका है।”
उमंग सिंघार ने कहा कि “हर प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। विदेशी नामों और फर्जी वोटिंग पर चुनाव आयोग मौन है।” उन्होंने दावा किया कि छठ पूजा के दौरान बिहार गए बीजेपी समर्थकों ने फर्जी वोट डाले, जबकि मध्यप्रदेश में 50 लाख नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि नए SIR नियम पुराने से अधिक जटिल हैं और अब नागरिकता के प्रमाणपत्र मांगे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि “जिसका नाम वोटर लिस्ट में नहीं, क्या वह नागरिक नहीं?” दिग्विजय ने कहा कि यूपीए सरकार ने 84 हजार घुसपैठियों को बाहर किया था, जबकि बीजेपी सरकार सिर्फ 2400 का पता लगा पाई।
उन्होंने मांग की कि चुनाव की घोषणा होते ही वोटर लिस्ट को फ्रीज किया जाए, ताकि नामों की हेराफेरी रोकी जा सके। साथ ही यह भी सवाल उठाया कि “एक ही चुनाव में पोलिंग बूथ और उम्मीदवार को अलग-अलग वोटर लिस्ट क्यों दी जा रही है?”
कांग्रेस का आरोप है कि SIR के नाम पर आरएसएस विचारधारा के लोगों को जिम्मेदारी दी गई है, जो राजनीतिक रूप से प्रेरित होकर नाम काट रहे हैं।










