🔱 महाकाल की अंतिम शाही सवारी: रजत पालकी में निकलेंगे भगवान चंद्रमौलेश्वर, उमड़ेगा आस्था का सैलाब!
उज्जैन : धर्मनगरी उज्जैन में कार्तिक-अगहन माह के दौरान निकलने वाली भगवान महाकाल की शाही सवारियों का सिलसिला आज अपने अंतिम चरण पर है। हजारों भक्तों के लिए यह अवसर खास है, क्योंकि आज भगवान चंद्रमौलेश्वर की अंतिम राजसी सवारी ठाठ-बाठ से नगर भ्रमण पर निकलेगी।
✨ रजत पालकी में विराजेंगे चंद्रमौलेश्वर
सवारी की शुरुआत महाकालेश्वर मंदिर से होगी, जहाँ विधि-विधान से भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन किया जाएगा। पूजन के पश्चात, उन्हें भव्य रजत पालकी में विराजित किया जाएगा। यह पालकी भक्तों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र होती है, जिसमें भगवान के दर्शन पाकर श्रद्धालु स्वयं को धन्य मानते हैं।
🌷 पुष्प वर्षा और लंबी राह
भगवान की सवारी का मार्ग लगभग पाँच किलोमीटर लंबा होगा, जो आस्था और भक्ति के रंग से सराबोर रहेगा। मार्ग के दोनों ओर हजारों की संख्या में भक्त अपने आराध्य के दर्शन के लिए खड़े रहेंगे। इस दौरान, श्रद्धालु जोरदार पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत करेंगे और दर्शन लाभ लेंगे। यह दृश्य अपने आप में अलौकिक होता है, जहाँ हर तरफ “जय महाकाल” की गूंज सुनाई देती है।
👮♂️ सशस्त्र पुलिस बल देगा सलामी
राजसी सवारी की गरिमा को बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सशस्त्र पुलिस बल भगवान महाकाल को सलामी देगा, जो इस धार्मिक आयोजन को एक राजकीय सम्मान प्रदान करता है।
यह शाही सवारी केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत और यहाँ के लोगों की अटूट आस्था का प्रतीक है।










