भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए युवाओं के उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीएम हाउस आपका अपना घर है, और यहाँ आप सभी का हार्दिक स्वागत है।
मुख्यमंत्री ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने भी युवावस्था में NCC की वर्दी पहनकर अनुशासित जीवन जिया है। उन्होंने कहा कि NCC और NSS ऐसे मंच हैं जो युवाओं को केवल व्यक्तित्व ही नहीं, बल्कि मजबूत राष्ट्रभाव भी देते हैं।
डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस परेड को देश के लिए गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में कर्तव्य पथ पर परेड का हिस्सा बनना अपने आप में एक ऐतिहासिक सम्मान है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की चर्चा करते हुए कहा कि आज भारत किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है और वैश्विक मंच पर मजबूती से खड़ा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार NSS को 1.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख स्वयंसेवकों तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, ताकि अधिक से अधिक युवा राष्ट्र निर्माण में भागीदार बन सकें। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी किसी की भूमि पर अतिक्रमण नहीं किया, लेकिन मानवता, शांति और संस्कृति की स्थापना में सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है।
भारत की सांस्कृतिक शक्ति को सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए डॉ. यादव ने कहा कि हमारी प्रतिभाएँ किसी से कम नहीं हैं। आज का भारत वह देश है जो अपने दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब देने की क्षमता रखता है—यह नया भारत है, जो कहता नहीं, करके दिखाता है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्तव्य पथ पर महिला अधिकारी द्वारा परेड का नेतृत्व ऐतिहासिक क्षण है, वहीं रक्षा सेवाओं में महिलाओं को स्थायी कमीशन देना दूरदर्शी और साहसिक निर्णय है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने युवाओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आप सभी ओजस्वी, तेजस्वी और साहसी युवा अपने-अपने लक्ष्य की प्राप्ति करें—यही मेरी हार्दिक कामना है।










