एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले : पचमढ़ी का कायाकल्प, बुजुर्गों को सौगात और युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार के खुले द्वार
भोपाल : गणतंत्र दिवस के भव्य आयोजन के ठीक बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई दूरगामी निर्णय लिए गए। ‘विकसित मध्य प्रदेश 2047’ के विजन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने निवेश, सिंचाई और पर्यटन के क्षेत्र में मास्टर प्लान तैयार किया है।
वरिष्ठ जनों के लिए ‘संध्या छाया’ का सहारा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा की दिशा में एक भावुक और बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में आयोजित ‘संध्या छाया’ कार्यक्रम के बाद सरकार ने प्रदेश के वृद्धाश्रमों को सरकारी नियंत्रण में लेने और उन्हें और अधिक सुविधायुक्त बनाने का निर्णय लिया है। अब वरिष्ठ जनों के रहने और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सरकार की प्राथमिकता होगी।
पचमढ़ी का विस्तार और टाइगर रिजर्व का विकास
प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है।
क्षेत्र विस्तार: पचमढ़ी के 395 हेक्टेयर क्षेत्र में आंशिक परिवर्तन करते हुए बचे हुए हिस्सों को भी विकास योजना में जोड़ा गया है।
* ईको-टूरिज्म: टाइगर रिजर्व के साथ पचमढ़ी के कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जाएगा ताकि पर्यटन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिले।
सिंचाई योजनाओं को मंजूरी: 63 गांवों की बदलेगी तस्वीर
खेती और किसानों की समृद्धि के लिए मंत्रिमंडल ने पानी की दो बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दी है:
* रकबा विस्तार: सिंचाई क्षमता को 4200 हेक्टेयर और 7000 हेक्टेयर तक बढ़ाने पर सहमति बनी है।
* लाभान्वित क्षेत्र: इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के 63 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
* बजट: लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं और पुरानी योजनाओं (जिनके 5 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं) को निरंतर रखने की अनुमति दी गई है।
युवाओं के लिए ‘ग्लोबल’ अवसर: अब जापान के बाहर भी मिलेगा रोजगार
कैबिनेट ने युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव किया है।
* योजना का विस्तार: अब तक युवाओं को केवल जापान भेजने की योजना थी, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है।
* वैश्विक पहुंच: मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए अब दुनिया के अन्य विकसित देशों में भी भेजा जाएगा, जिसका पूरा सहयोग और रूपरेखा सरकार तैयार करेगी।
निष्कर्ष: 2047 का रोडमैप तैयार
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार केवल वर्तमान ही नहीं, बल्कि आगामी 2047 की जरूरतों को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। निवेश के नए आयाम स्थापित करने से लेकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तक, डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने मध्य प्रदेश को एक नई गति देने का संकल्प लिया है।










