धर्म की नगरी में ‘कंसासुरी’ क्रूरता, बिस्तर बदलने पर छात्र को बेरहमी से पीटा – रूह कंपा देगा वीडियो…?
उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन, जहाँ सांदीपनी आश्रम में कभी भगवान कृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की थी, आज उसी पवित्र परंपरा को कलंकित करने वाली तस्वीर सामने आई है। महर्षि सांदीपनी राष्ट्रीय वेदविद्या संस्थान में एक शिक्षक ने अनुशासन के नाम पर छात्र के साथ वह दरिंदगी की, जिसे देख किसी का भी कलेजा कांप जाए।
चीखता रहा मासूम, बरसती रही लाठियां
शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो संस्थान के भीतर छिपी क्रूरता की पोल खोल रहा है। वीडियो में सामवेद राणायनी शाखा के शिक्षक और वार्डन दत्तदास शेवड़े एक छात्र पर डंडे से ताबड़तोड़ हमला करते दिख रहे हैं। छात्र दर्द से छटपटा रहा है, रहम की भीख मांग रहा है, उसकी चीखें पूरे कमरे में गूंज रही हैं, लेकिन आरोपी शिक्षक का दिल नहीं पसीजा। वह एक हाथ से छात्र को काबू कर दूसरे हाथ से उस पर छड़ी बरसाता रहा।
अपराध सिर्फ इतना: ‘दूसरे के बिस्तर पर क्यों सोया?’
हैरानी की बात यह है कि इस बर्बरता के पीछे की वजह बेहद मामूली थी। बताया जा रहा है कि छात्र किसी दूसरे के बिस्तर पर सो गया था। इस छोटी सी बात पर वार्डन की जिम्मेदारी निभाने वाले शेवड़े ने गुरु-शिष्य परंपरा को ताक पर रखकर छात्र को किसी अपराधी की तरह पीटा।
सवालों के घेरे में संस्थान और सुरक्षा
चिंतामन गणेश मंदिर रोड पर स्थित यह संस्थान वेदों की शिक्षा के लिए जाना जाता है, लेकिन इस घटना ने प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या वेद सिखाने वाले संस्थानों में बच्चों को जानवरों की तरह पीटना ही ‘संस्कार’ है?
वार्डन जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति के भीतर इतनी हिंसक मानसिकता कैसे आई?
क्या छात्रों की सुरक्षा केवल कागजों तक सीमित है?
जिस शहर ने दुनिया को प्रेम और ज्ञान का पाठ पढ़ाने वाले ‘सांदीपनी’ दिए, आज उसी शहर के एक संस्थान में ‘दत्तदास शेवड़े’ जैसे लोग शिक्षा के मंदिर को यातना गृह बना रहे हैं। प्रशासन को इस मामले में केवल निलंबन नहीं, बल्कि ऐसी कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जो नजीर बने।










