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मुख्यमंत्री निवास में वैदिक घड़ी का लोकार्पण, सीएम मोहन यादव बोले – “रात 12 बजे दिन बदलने का कोई मतलब नहीं”

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मुख्यमंत्री निवास में वैदिक घड़ी का लोकार्पण, सीएम मोहन यादव बोले – “रात 12 बजे दिन बदलने का कोई मतलब नहीं”

 

भोपाल।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में वैदिक घड़ी का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने आधुनिक समय प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि “भारतीय परंपरा में दिन की शुरुआत सूर्योदय से मानी जाती है, जबकि रात 12 बजे दिन बदलना वैज्ञानिक या प्राकृतिक दृष्टिकोण से सही नहीं है।”

 

उन्होंने कहा कि वैदिक घड़ी केवल समय देखने का उपकरण नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन वैज्ञानिक सोच और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने जनता से भी अपील की कि वे भारतीय पंचांग और वैदिक समय-गणना को समझें और अपनाएं।

 

क्या है वैदिक घड़ी?

वैदिक घड़ी भारत की प्राचीन ज्योतिषीय और खगोलीय गणना प्रणाली पर आधारित है, जिसमें समय की गणना सूर्य की गति के आधार पर की जाती है। यह प्रणाली न केवल वैज्ञानिक है, बल्कि यह खगोलीय घटनाओं और प्रकृति के साथ सामंजस्य भी बनाए रखती है।

 

भारतीयता की ओर लौटने का प्रयास

 

सीएम यादव ने कहा कि यह पहल भारत की स्वदेशी सोच और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि “आज आवश्यकता है कि हम पश्चिमी समय-गणना के स्थान पर अपने भारतीय ज्ञान-विज्ञान को प्राथमिकता दें। हमारी संस्कृति में जो वैज्ञानिक दृष्टिकोण है, वह आज भी प्रासंगिक है।”

 

सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में प्रभाव

 

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैदिक समय प्रणाली को मुख्यधारा में लाया जाए, तो यह शैक्षणिक, धार्मिक, और वैज्ञानिक क्षेत्रों में बड़ी क्रांति ला सकती है। इससे आने वाली पीढ़ियां भारतीय समय-चक्र और पंचांग के महत्व को गहराई से समझ सकेंगी।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह पहल केवल एक प्रतीकात्मक कार्य नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा को पुनः जागृत करने की दिशा में गंभीर प्रयास है। वैदिक घड़ी का लोकार्पण आने वाले समय में भारतीय समय-गणना प्रणाली को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Tahalka Bharat
Author: Tahalka Bharat

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