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दिल्ली विस्फोट पर कांग्रेस का वार: सरकार ने 48 घंटे क्यों लगाए?

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नई दिल्ली। लाल किले के पास हुए विस्फोट मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए और इस पूरे मामले पर खुलकर चर्चा की जाए। कांग्रेस ने यह भी कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र, जो 1 दिसंबर से शुरू होना है, उसे पहले बुलाया जाए ताकि देश की सुरक्षा से जुड़े इस अहम मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की जा सके।

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि दिल्ली ब्लास्ट को आतंकी हमला घोषित करने में सरकार ने 48 घंटे की देरी की, जो कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा, “सरकार को यह कहने में इतना वक्त क्यों लगा कि यह आतंकी हमला है? यह देरी क्यों हुई, यह देश जानना चाहता है।”

खेड़ा ने आगे कहा कि पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि “किसी भी आतंकी कार्रवाई को युद्ध माना जाएगा।” कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या इस बार भी सरकार उसी नीति पर अमल करेगी, और अगर हां, तो इस मामले में क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

पवन खेड़ा ने कहा कि देश में भरोसे का माहौल बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा, “ऐसे समय में जनता को यह भरोसा दिलाने की जरूरत है कि सरकार हर स्तर पर तत्पर और पारदर्शी है। इसके लिए सर्वदलीय बैठक और संसद में चर्चा बेहद आवश्यक है।”

कांग्रेस ने दोहराया कि जब तक सभी दल एक साथ बैठकर देश की सुरक्षा पर साझा रणनीति नहीं बनाते, तब तक ऐसे हमलों के प्रति जनता में असुरक्षा की भावना बनी रहेगी। पार्टी का कहना है कि इस घटना को राजनीतिक चश्मे से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।

🔹 मुख्य बातें —

कांग्रेस ने PM मोदी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक की मांग की।

दिल्ली ब्लास्ट को आतंकी हमला घोषित करने में हुई 48 घंटे की देरी पर सवाल।

संसद का शीतकालीन सत्र पहले बुलाने की मांग ताकि मुद्दे पर चर्चा हो सके।

Tahalka Bharat
Author: Tahalka Bharat

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