संपादक – रानु शर्मा…
CAG की रिपोर्ट से खुली मध्य प्रदेश सरकार की पोल, गरीबों के हक का पैसा आयोजनों और टेंट पर खर्च
जल जीवन मिशन और पोषण योजनाओं में करोड़ों की गड़बड़ी, 25 लाख महिलाएं लाभ से वंचित
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जिन योजनाओं का उद्देश्य गरीबों तक साफ पेयजल, पोषण और सुरक्षित आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना था, उन्हीं योजनाओं का करोड़ों रुपये का बजट सरकारी आयोजनों, टेंट, धार्मिक कार्यक्रमों और अधिकारियों की सुविधाओं पर खर्च कर दिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला एवं बाल विकास विभाग की लापरवाही के कारण प्रदेश की करीब 25 लाख जरूरतमंद महिलाएं ‘टेक होम राशन’ और ‘गर्म भोजन योजना’ जैसी महत्वपूर्ण पोषण योजनाओं का लाभ नहीं ले सकीं। इससे कुपोषण से निपटने के सरकारी दावों पर भी सवाल उठे हैं।
वहीं, जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुंचाने के लिए मिले 12.30 करोड़ रुपये का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के बजाय विकास यात्राओं, टेंट, धार्मिक आयोजनों और कर्मचारियों के मकान निर्माण जैसे कार्यों में किए जाने का खुलासा हुआ है।
CAG की रिपोर्ट ने यह भी संकेत दिया है कि योजनाओं की निगरानी और वित्तीय अनुशासन में गंभीर खामियां हैं। विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का बड़ा मुद्दा मिल गया है, जबकि अब सरकार से रिपोर्ट में उजागर अनियमितताओं पर जवाब और जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो गई है।









