भोपाल – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल स्थित मंत्रालय में मोहन कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मध्यप्रदेश के व्यापक हित से जुड़े कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया को दी। बैठक से पहले मंत्रिपरिषद को आवश्यक और अहम जानकारियां भी प्रस्तुत की गईं।
कैबिनेट को बताया गया कि भावांतर योजना का लंबित भुगतान दो माह के भीतर पूरा कर दिया गया है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण भी किया गया है। प्रदेश में पहली बार पुष्प महोत्सव की शुरुआत कर पर्यटन और फूल उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन देने का निर्णय भी लिया गया।
मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला
बैठक में सरदार सरोवर परियोजना से विस्थापित 25,206 आदिवासी परिवारों को बड़ी राहत देते हुए उनके पट्टों की निशुल्क रजिस्ट्री करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। यह मामला कई वर्षों से लंबित था। इस फैसले से सरकार पर लगभग 600 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा, लेकिन इससे हजारों परिवारों को स्थायी अधिकार मिलेंगे।
योजनाएं रहेंगी जारी
कैबिनेट ने अगले 4 वर्षों तक सरकार की प्रमुख योजनाओं को निरंतर जारी रखने का फैसला किया है। इनमें संबल योजना, पशु विकास योजना, किशोर कल्याण निधि योजना, महिला पीड़ित सहायता योजना और उद्यम योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के संचालन से सरकार पर कुल 15,009 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।
प्रशासनिक और विकास निर्णय
बैठक में राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने और उसके कर्मचारियों का महिला एवं बाल विकास विभाग में संविलियन करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिससे कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर मोहन कैबिनेट की यह बैठक जनकल्याण, आदिवासी हित, कृषि और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों के कारण बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।










