भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में MP का दबदबा, 8 नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान के साथ ही मध्य प्रदेश का सियासी और संगठनात्मक कद एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में मध्य प्रदेश से जुड़े 8 नेताओं को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें लाल सिंह आर्य, गजेंद्र सिंह पटेल, कविता पाटीदार, विष्णुदत्त शर्मा, बंसीलाल गुर्जर, तरुण चुघ, सौदान सिंह और आशीष उषा अग्रवाल के नाम शामिल हैं। खास बात यह है कि इन 8 नेताओं में 5 सांसद हैं।
नई राष्ट्रीय टीम के गठन के साथ भाजपा ने मध्य प्रदेश के नेताओं को संगठन से लेकर किसान, महिला-ओबीसी, आदिवासी और मीडिया से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिम्मेदारियां देकर प्रदेश के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। इसे मध्य प्रदेश भाजपा के लिए संगठनात्मक स्तर पर बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
वीडी शर्मा को प्रकोष्ठ संकुल की कमान
खजुराहो सांसद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता विष्णुदत्त शर्मा को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए प्रकोष्ठ संकुल संयोजक बनाया गया है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद वीडी शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश से जिन भी नेताओं को राष्ट्रीय टीम में जिम्मेदारी मिली है, वे सभी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना और भाजपा के संगठनात्मक संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए पूरी ताकत से काम किया जाएगा।
इन नेताओं के नामों पर पहले ही जताई गई थी संभावना
मध्य प्रदेश से लाल सिंह आर्य, कविता पाटीदार, विष्णुदत्त शर्मा और सौदान सिंह को भाजपा की राष्ट्रीय टीम में अहम जिम्मेदारी मिलने की संभावना को लेकर पहले ही जानकारी सामने आ चुकी थी। सोमवार को जारी राष्ट्रीय टीम की सूची में इन नामों पर आधिकारिक मुहर लग गई।
इसके साथ ही गजेंद्र सिंह पटेल, बंसीलाल गुर्जर, तरुण चुघ और आशीष उषा अग्रवाल को भी राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिकाएं मिली हैं। अलग-अलग सामाजिक और संगठनात्मक क्षेत्रों में इन नेताओं की जिम्मेदारियां भाजपा की व्यापक रणनीति का संकेत देती हैं।
संगठन से किसान और मीडिया तक जिम्मेदारियां
भाजपा ने मध्य प्रदेश के नेताओं को केवल संगठनात्मक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि किसान, महिला, ओबीसी, आदिवासी और मीडिया जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी प्रतिनिधित्व दिया है। इससे साफ है कि पार्टी राष्ट्रीय संगठन में मध्य प्रदेश के अनुभव और राजनीतिक पकड़ का इस्तेमाल व्यापक स्तर पर करना चाहती है।
कांग्रेस ने साधा निशाना
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान के बाद मध्य प्रदेश में सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने नई कार्यकारिणी को लेकर सवाल उठाते हुए इसे ‘महिला विरोधी’ और वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा करने वाली टीम करार दिया है। कांग्रेस के इस हमले के बीच भाजपा की ओर से मध्य प्रदेश के 8 नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर मिली जिम्मेदारियों को पार्टी संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश को मिली व्यापक हिस्सेदारी ने प्रदेश की राजनीति में संगठनात्मक महत्व को और बढ़ा दिया है। 8 नेताओं को राष्ट्रीय जिम्मेदारियां मिलना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि भाजपा केंद्रीय संगठन में मध्य प्रदेश की भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।










