Oasis फैक्ट्री से प्रदूषण का कहर, ग्रामीणों का जीना दुश्वार

धार। बदनावर तहसील के बोराली स्थित ओएसीस डिस्टलरी शराब फैक्ट्री से निकल रही विषाक्त हवा और रसायनयुक्त पानी ने आसपास के कई गांवों के रहवासियों का जीवन मुश्किल कर दिया है। फैक्ट्री से निकलने वाला बदबूदार धुआं, रंगीन दूषित पानी और बायलर से उड़ने वाली डस्ट न केवल पर्यावरण को प्रभावित कर रही है, बल्कि ग्रामीणों में गंभीर बीमारियों का कारण भी बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने पखवाड़ेभर पहले आंदोलन के दौरान 15 दिन में सुधार का आश्वासन दिया था, लेकिन समय सीमा बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

दूषित पानी से संकट गहराया
ग्रामीणों ने बताया कि फैक्ट्री से निकला रसायनयुक्त पानी जमीन में रिसकर बोरिंग तक पहुंच गया है। बुकडावदा खेड़ी, कनवासा, कठोडिया बड़ा, छो खुर्द, बुलगारा और आसपास के गांवों में बोरिंग से लाल रंग का पानी निकल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पानी पीने योग्य तो नहीं ही है, सिंचाई में भी काम नहीं आता। गांव के रामचन्द्र का कहना है, “फैक्ट्री से 10 किलोमीटर क्षेत्र तक लगे बोरिंग से दूषित पानी निकल रहा है। इसे पीने पर उल्टियां होती हैं, यहां तक कि जानवर भी बीमार पड़ जाते हैं।”

हवा और धूल से बढ़ी बीमारियां
धन्नालाल नामक ग्रामीण ने बताया कि फैक्ट्री से उठने वाली बदबूदार हवा से सांस लेने में दिक्कत होती है और दमा जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। “मेहमान आते हैं तो लगातार खांसते रहते हैं, जिससे हमें शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। मच्छरों का प्रकोप इतना है कि लोग हमारे यहां रात में रुकने से भी कतराते हैं।” ग्रामीण अंबाराम का कहना है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने बड़े-बड़े तालाब बनाकर उनमें रसायनयुक्त पानी छोड़ा है, जिससे यह जमीन में रिसकर बोरिंग तक पहुंच रहा है।

विरोध और चेतावनी
ग्रामीणों ने ओएसीस डिस्टलरी के खिलाफ कई बार धरना-प्रदर्शन किया है। उनका कहना है कि जब तक प्रदूषण पर रोक नहीं लगाई जाती और ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द ही वे बड़े अधिकारियों के कार्यालय पर धरना देंगे।

प्रशासन की प्रतिक्रिया
एसडीएम प्रियंका मिमरोट ने कहा कि, “मामला मेरे पदस्थ होने से पहले का है। आपके द्वारा रंगीन पानी और प्रदूषण की शिकायत संज्ञान में लाई गई है। इसे संबंधित विभाग से दिखवाया जाएगा।”









