वंदे मातरम् पर सियासत तेज, सोनिया गांधी के ऐतराज के दावे से गरमाई राजनीति
भोपाल। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम को लेकर यह दावा सामने आया कि सोनिया गांधी ने पूरा वंदे मातरम् गाए जाने पर आपत्ति जताई। वहीं कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया कि उन्हें किसी ने रोका नहीं था। इसी बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
मामला यहीं नहीं थमा। राजधानी भोपाल में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए स्वतंत्रता दिवस संबोधन को लेकर सवाल उठाए। मसूद का आरोप है कि प्रधानमंत्री के भाषण में मुस्लिम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान का पर्याप्त उल्लेख नहीं किया गया।
आरिफ मसूद ने इसी मुद्दे को लेकर भोपाल में प्रेस वार्ता करते हुए सवाल खड़ा किया कि जब स्वतंत्रता संग्राम में सभी समुदायों के सेनानियों का योगदान रहा है, तो किसी वर्ग के योगदान का उल्लेख नहीं होना क्या उचित है? उन्होंने सवाल किया कि यदि कांग्रेस पर ऐसे मामलों को लेकर आरोप लगाए जाते हैं, तो क्या अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस कथित चूक के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए?
स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के बीच ‘वंदे मातरम्’ और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को लेकर उठे इन सवालों ने मध्य प्रदेश की सियासत को और गरमा दिया है। अब भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी किस दिशा में जाती है, इस पर सबकी नजर है।










