Search
Close this search box.

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने भोपाल बलात्कार और ब्लैकमेल के मामले में लिया स्वत: संज्ञान…!

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

संपादक रानू शर्मा…!
भोपाल बलात्कार और ब्लैकमेल मामलों की जांच के लिए एनसीडब्ल्यू ने पैनल बनाया , पांच पीड़िताएं सामने आईं…!
भोपाल पुलिस ने पहले एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था जो वर्तमान में मामलों की जांच कर रहा है…!
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने बुधवार को मध्य प्रदेश के भोपाल में फर्जी पहचान बताकर कॉलेज की लड़कियों से दोस्ती करने के बाद उनके साथ कथित बलात्कार, फिल्मांकन और ब्लैकमेलिंग के कई मामलों की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया…!

पुलिस के अनुसार, कम से कम पांच पीड़िताएं अब तक सामने आई हैं और उन्होंने शहर के विभिन्न पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराई है, जबकि चार पुरुषों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर सोशल मीडिया या आपसी दोस्तों के माध्यम से महिलाओं से दोस्ती करने के लिए “फर्जी पहचान” का इस्तेमाल किया था…!

एनसीडब्ल्यू के तीन सदस्यीय पैनल का नेतृत्व सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी और झारखंड की पूर्व डीजीपी निर्मल कौर करेंगी और यह 3 से 5 मई तक भोपाल का दौरा करने के बाद आयोग को एक रिपोर्ट सौंपेगी…!
आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन घटना से जुड़े तथ्यों की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति 3 मई से 5 मई 2025 तक भोपाल का दौरा करेगी और मामले की जानकारी जुटाकर आयोग को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी…!
हमारी मीडिया टीम से बात करते हुए भोपाल जोन 2 के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) संजय अग्रवाल ने कहा कि एसआईटी ने मामले में अब तक छह आरोपियों की पहचान की है, जिनमें से चार को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें मुख्य आरोपी फरहान अली भी शामिल है। गिरफ्तार किए गए अन्य तीन आरोपियों की पहचान साहिल, साद और सैय्यद अली के रूप में हुई है, जिसे सोमवार को गिरफ्तार किया गया था, जबकि दो लोग – अबरार और नबील – अभी फरार हैं…!
श्री अग्रवाल ने बताया कि अब तक पांच पीड़िताएं सामने आई हैं, जिनमें वे दो बहनें भी शामिल हैं जिन्होंने 18 अप्रैल को भोपाल के बाग सेवनिया थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने कहा, “शेष दो आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। फिलहाल हमारा मानना ​​है कि ये छह लोग इस गिरोह को चला रहे थे।” उन्होंने आगे कहा कि पुलिस और भी बचे हुए लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, अगर कोई बचा हुआ है।
जबकि विभिन्न स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बचे हुए लोगों को भी इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया गया था, श्री अग्रवाल ने कहा, “विभिन्न महिलाओं द्वारा अलग-अलग तरह के आरोप लगाए गए हैं। कुछ लड़कियों ने कहा है कि उन्हें मजबूर किया गया था, लेकिन हम फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं कर सकते हैं और यह चल रही जांच का हिस्सा है।”

Tahalka Bharat
Author: Tahalka Bharat

Leave a Comment

और पढ़ें