भोपाल।
गृहमंत्री अमित शाह के ‘नक्सल मुक्त भारत’ अभियान को मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने साकार कर दिया है। राज्य में चलाए गए विशेष ऑपरेशन नक्सल ने बड़ा परिणाम देते हुए लाल आतंक के अंत की घोषणा का रास्ता खोल दिया है।
एमपी में नक्सलवाद का अंत — ऑपरेशन नक्सल लाया रंग
मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाए गए अभियान को बड़ी सफलता मिली है। बालाघाट में सक्रिय आखिरी रजिस्टर्ड नक्सली दीपक ने आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके साथ ही प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों—बालाघाट, मंडला और डिंडोरी—को नक्सल मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया मजबूत हो गई है।
सीएम मोहन यादव ने बताया कि राज्य में वर्षों से सक्रिय नक्सल नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस, स्पेशल फोर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने संयुक्त रणनीति पर काम किया। लगातार दबाव, सख्त कार्रवाई और विकास कार्यों के चलते अंततः प्रदेश में लाल आतंक पर निर्णायक विजय मिली है।

वीसी के माध्यम से अधिकारियों से संवाद
मुख्यमंत्री ने बालाघाट, मंडला और डिंडोरी जिलों के पुलिस अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर अभियान के संचालन, क्षेत्र की स्थिति और भविष्य की शांति व्यवस्था पर समीक्षा की।
पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को धन्यवाद
सीएम मोहन यादव ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ जीत में केंद्र सरकार का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को विशेष धन्यवाद देते हुए कहा—
“हमारा राज्य अब नक्सलवादी गतिविधियों पर विजय पा चुका है। एमपी में लाल सलाम का पूर्ण विराम लग चुका है।”

वीर जवानों को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने नक्सल ऑपरेशन में शहीद हुए सभी जवानों को स्मरण किया और कहा कि उनकी कुर्बानियों के कारण ही आज प्रदेश नक्सल मुक्त होने की ओर बढ़ सका है।
मध्यप्रदेश में नक्सलवाद के अंत की यह बड़ी सफलता न केवल सुरक्षा बलों की दृढ़ता का प्रमाण है, बल्कि विकास, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनता के सहयोग का भी परिणाम है। प्रदेश अब शांति और प्रगति की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।










