केरवा के ‘ग्रीन जोन’ पर बुलडोजर का प्रहार: प्रशासन ने जमींदोज किया अवैध निर्माणों का घमंड
भोपाल। राजधानी के सबसे संवेदनशील और पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण केरवा डैम कैचमेंट एरिया में शुक्रवार को प्रशासन का “रौद्र रूप” देखने को मिला। भू-माफियाओं द्वारा प्रकृति की गोद में फैलाए जा रहे अवैध निर्माण के जाल को तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने तार-तार कर दिया।
कार्रवाई की मुख्य बातें: प्रकृति से खिलवाड़ पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
शहर के फेफड़े कहे जाने वाले केरवा क्षेत्र में बिना किसी अनुमति के धड़ल्ले से अवैध कॉलोनी काटी जा रही थी। प्रशासन की यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो कानून को ताक पर रखकर हरियाली को कंक्रीट के जंगल में बदलने का ख्वाब पाल रहे थे।
बुलडोजर की गर्जना: जैसे ही भारी पुलिस बल और राजस्व अमला मौके पर पहुँचा, अवैध कॉलोनी विकसित कर रहे बिल्डरों में हड़कंप मच गया।
नेस्तनाबूद हुए निर्माण: जेसीबी की मदद से अवैध रूप से खड़े किए गए आलीशान गेट और बाउंड्रीवॉल को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया गया।
सड़कों का नामोनिशान मिटाया: केवल दीवारें ही नहीं, बल्कि जमीन की छाती चीरकर बनाई गई अवैध सड़कों को भी उखाड़ फेंका गया ताकि भविष्य में निर्माण की गुंजाइश न रहे।
प्रशासन की चेतावनी: “कानून से ऊपर कोई नहीं”
तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी ने स्पष्ट कर दिया है कि कैचमेंट एरिया में किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह क्षेत्र न केवल पर्यावरण के लिहाज से जरूरी है, बल्कि जल संग्रहण के लिए भी जीवन रेखा है।
“अवैध कॉलोनाइजर्स ने नियमों की धज्जियां उड़ाकर जो ढांचा खड़ा किया था, उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। हमारी टीम लगातार निगरानी कर रही है और आगे भी ऐसी हरकतों पर सख्त प्रहार जारी रहेगा।”
माफियाओं की ‘मिट्टी’ हुई पलीद
जमीनों की खरीद-फरोख्त कर रहे माफियाओं ने भोली-भाली जनता को लुभाने के लिए यहाँ सड़कों और दीवारों का जाल बिछाया था। शुक्रवार की कार्रवाई ने न केवल उनके निवेश पर पानी फेर दिया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि शासन के बुलडोजर की जद से अवैध साम्राज्य बच नहीं सकता।
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि केरवा जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों में जमीन खरीदने से पहले कागजों की पूरी जाँच कर लें, अन्यथा उनकी गाढ़ी कमाई भी मलबे में तब्दील हो सकती है।










