मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना नेशनल पार्क में दिखाई 10 नई कैंटर बसों को हरी झंडी
अब 19 पर्यटकों के साथ होगी अधिक रोमांचक और आरामदायक जंगल सफारी
भोपाल | अम्बरीश शर्मा ( संकलन)

मध्य प्रदेश में पर्यटन विस्तार को गति देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार सुबह पन्ना नेशनल पार्क के मडला गेट से 10 नई वीविंग कैंटर बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन नई बसों के शुरू होने से जंगल सफारी अब पहले से अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और रोमांचक हो गई है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है, जिसका यह कदम एक और महत्वपूर्ण उदाहरण है।
पर्यटकों के लिए नई सुविधा – एक साथ 19 सीटों वाली कैंटर बसें
मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा उपलब्ध कराई गई इन नई कैंटर बसों में एक साथ 19 पर्यटकों के बैठने की क्षमता है। ये बसें अन्य सफारी वाहनों से ज्यादा लंबी और ऊंची हैं, जिससे जंगल के अंदर वन्यजीवों को देखने का अनुभव और बेहतर होगा।
बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी ये बसें अधिक सुरक्षित और आरामदायक मानी जा रही हैं। अतिरिक्त स्पेस और ऊंचाई के कारण सफर के दौरान यात्रियों को अधिक दृश्यता और बेहतर आराम मिल सकेगा।
नई कैंटर बसों की खासियत यह है कि इनसे सफर करते हुए पर्यटक न केवल वन्यजीवों के प्राकृतिक विचरण को करीब से देख सकेंगे, बल्कि जंगल सफारी का एक यादगार और सुखद अनुभव भी प्राप्त करेंगे।
ऑनलाइन बुकिंग न होने पर भी नहीं छूटेगा सफारी का मौका
अक्सर ऑनलाइन स्लॉट जल्दी भर जाने से पर्यटक पार्क पहुंचकर भी सफारी से वंचित रह जाते थे। नई बसों के संचालन से यह परेशानी काफी हद तक दूर होगी।
अब ऑनलाइन बुकिंग न होने की स्थिति में भी पर्यटकों को मौके पर ही सफारी का अवसर मिल सकेगा। यह कदम पर्यटन बढ़ाने और पार्क आने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
नेशनल पार्क के गेट पर ही बुकिंग की सुविधा
अब पर्यटक सीधे नेशनल पार्क के एंट्री गेट पर ही कैंटर बस के लिए बुकिंग कर सकेंगे। ऑनलाइन निर्भरता के बिना सफारी का आनंद लेने की सुविधा और आसान हो जाएगी।
नई बसों से सफारी का शुल्क प्रति व्यक्ति/प्रति राउंड लगभग 1150 से 1450 रुपये निर्धारित किया गया है।
प्रदेश के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों में शुरू होगी सेवा
ये 10 नई कैंटर बसें प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों और राष्ट्रीय उद्यानों—
बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, परसिली (सीधी)—सहित अन्य नेशनल पार्कों में संचालित की जाएंगी। इससे आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश की जंगल सफारी अनुभव को और अधिक आकर्षक बनाने में मदद मिलेगी।
—
नई कैंटर बसें न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में मदद करेंगी, बल्कि जंगल सफारी को सुरक्षित, सुविधाजनक और रोमांचक भी बनाएंगी। मध्य प्रदेश की “टाइगर स्टेट” की पहचान को और मजबूती देने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।










