“लाड़ली बहना” योजना पर कांग्रेस का हमला, आदिवासी महिलाओं के साथ भेदभाव का आरोप
भोपाल। मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लाड़ली बहना योजना’ को लेकर कांग्रेस ने बड़ा सवाल खड़ा किया है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश की सहरिया, बैगा और भारिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों की करीब 5 लाख महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हैं।
कांग्रेस का कहना है कि इन महिलाओं को पहले से कुपोषण दूर करने के लिए पोषण अनुदान मिलता है, जिसके कारण उन्हें लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा। पार्टी ने इसे आदिवासी और गरीब महिलाओं के साथ अन्याय बताते हुए सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या भाजपा सरकार ने गरीब आदिवासी महिलाओं के सामने “या तो पोषण अनुदान लो, या लाड़ली बहना योजना का लाभ” जैसी स्थिति पैदा कर दी है? पार्टी का कहना है कि जो महिलाएं सबसे अधिक संरक्षण और आर्थिक सहायता की हकदार हैं, उन्हें ही योजनाओं से बाहर रखा जा रहा है।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जवाब मांगते हुए कहा कि चुनाव के समय हर महिला को बहन बताया जाता है, लेकिन योजनाओं का लाभ देने के समय सबसे गरीब और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि पोषण अनुदान प्राप्त करने वाली आदिवासी एवं विशेष पिछड़ी जनजाति की महिलाओं को भी ‘लाड़ली बहना योजना’ का लाभ दिया जाए, ताकि किसी भी पात्र महिला को सरकारी योजनाओं से वंचित न रहना पड़े।










